
गायक जुबिन गर्ग की रहस्यमयी मौत के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बड़ा खुलासा करते हुए गुवाहाटी की अदालत में आरोप पत्र दाखिल कर दिया है। एसआईटी ने श्यामकानु महंत, सिद्धार्थ शर्मा, शेखर ज्योति गोस्वामी और अमृतप्रवा महंत पर हत्या का आरोप लगाया है। आरोप पत्र में दावा किया गया है कि 19 सितंबर को सिंगापुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान समुद्र में तैरते समय हुई गर्ग की मौत दुर्घटना नहीं, बल्कि संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। आरोप पत्र 3,500 से अधिक पृष्ठों का है।
वकीलों के अनुसार, जुबिन गर्ग के चचेरे भाई और निलंबित पुलिस अधिकारी संदीपन गर्ग पर गैर इरादतन हत्या का आरोप लगाया गया है। एसआईटी ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम स्थल पर मौजूद गर्ग के दो निजी सुरक्षा अधिकारी नंदेश्वर बोरा और प्रबीन बैल्या पर बीएनएस की धारा 31सी के तहत संपत्ति का दुरुपयोग और आपराधिक विश्वासघात का मामला दर्ज किया गया है। सिद्धार्थ शर्मा गायक के निजी सचिव थे, जबकि अन्य दो सदस्य उनके बैंड से जुड़े हुए थे।
असम सरकार ने विशेष पुलिस महानिदेशक एम.पी. गुप्ता के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया था। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने विधानसभा में कहा था कि जुबिन गर्ग की मौत स्पष्ट रूप से हत्या है, जिसके बाद मामले की दिशा बदल गई। सिंगापुर पुलिस भी मामले की जांच कर रही है और उनके अनुसार शुरुआती जांच में किसी गड़बड़ी के संकेत नहीं मिले हैं लेकिन फाइनल रिपोर्ट आने में तीन महीने और लग सकते हैं। अब एसआईटी के आरोप पत्र से मामला और जटिल हो गया है।
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