इस बार बजट ऐसे समय में आ रहा है, जब देश की अनुमानित आर्थिक वृद्धि दर 7.4 प्रतिशत है और वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक अनिश्चितता बनी हुई है। यह मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का तीसरा पूर्ण बजट होगा। बजट 2026-27 के निर्माण में वित्त मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी अहम भूमिका निभा रहे हैं। (फोटो क्रेडिट: PTI)
अनुराधा ठाकुर (आर्थिक मामलों की सचिव): वह बजट तैयार करने की प्रमुख जिम्मेदारी संभाल रही हैं। संसाधनों के वितरण और अगले वित्त वर्ष के आर्थिक ढांचे को तय करना उनके विभाग का काम है। हिमाचल प्रदेश कैडर की 1994 बैच की आईएएस अधिकारी ठाकुर ने जुलाई 2025 में पद संभाला था। वह इस विभाग का नेतृत्व करने वाली पहली महिला अधिकारी हैं। (फोटो क्रेडिट: X)
अरविंद श्रीवास्तव (राजस्व सचिव): कर से जुड़े प्रस्तावों की जिम्मेदारी उनके पास है। उनकी टीम आयकर, कॉर्पोरेट टैक्स, जीएसटी और सीमा शुल्क जैसे करों को संभालती है। राजस्व सचिव के रूप में यह उनका पहला बजट है, लेकिन उन्हें बजट से जुड़ा लंबा अनुभव है। राजस्व बढ़ाने में उनकी भूमिका अहम मानी जा रही है। (फोटो क्रेडिट: X)
वुमलुनमंग वुअलनाम (व्यय सचिव): सरकारी खर्च, सब्सिडी और योजनाओं के सही क्रियान्वयन की निगरानी उनका काम है। उनका विभाग राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने और घाटे को नियंत्रित करने पर ध्यान देता है। (फोटो क्रेडिट: X)
एम. नागराजू (वित्तीय सेवा सचिव): वित्तीय समावेशन और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की जिम्मेदारी उनके विभाग के पास है। सार्वजनिक बैंकों, बीमा कंपनियों और पेंशन प्रणालियों की स्थिति पर नजर रखना भी उन्हीं का कार्य है। ऋण विस्तार और डिजिटल सेवाओं को बढ़ावा देने में उनका योगदान महत्वपूर्ण है। (फोटो क्रेडिट: X)
अरुणिष चावला (दीपम सचिव): वह सरकार के विनिवेश और निजीकरण से जुड़े काम देखते हैं। सार्वजनिक उपक्रमों में सरकारी हिस्सेदारी बेचकर मिलने वाले गैर-कर राजस्व के लक्ष्य तय करना और पूरा करना उनके विभाग की जिम्मेदारी है। (फोटो क्रेडिट: X)
के. मोसेस चालई (सार्वजनिक उद्यम विभाग सचिव): सरकारी कंपनियों के पूंजीगत खर्च और बजट के सही उपयोग को सुनिश्चित करना उनका काम है। इसके साथ ही वे परिसंपत्ति मौद्रिकरण और सार्वजनिक उपक्रमों की वित्तीय स्थिति पर भी नजर रखते हैं। (फोटो क्रेडिट: X)
वी. अनंत नागेश्वरन (मुख्य आर्थिक सलाहकार): उनका कार्यालय बजट को दिशा देने वाले आर्थिक सुझाव देता है। इसमें विकास दर का अनुमान, विभिन्न क्षेत्रों का विश्लेषण और वैश्विक जोखिमों का आकलन शामिल है। वे वित्त मंत्री को आर्थिक सुधारों और राजकोषीय नीति पर सलाह भी देते हैं। इन सभी अधिकारियों के सहयोग से बजट 2026-27 का खाका तैयार किया जा रहा है। (फोटो क्रेडिट: X)