हर साल पंडाल हॉपिंग (एक पंडाल से दूसरे पंडाल घूमना) का अपना अलग मज़ा होता है। लोग खूबसूरती से सजे पंडाल देखते हैं, स्वादिष्ट भोग का आनंद लेते हैं और मां दुर्गा की महिषासुर पर विजय का उत्सव मनाते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, हम आपके लिए दिल्ली के 10 खास दुर्गा पूजा पंडालों की सूची लाए हैं, ताकि आपकी पंडाल हॉपिंग और आसान हो जाए।
बी-ब्लॉक दुर्गा पूजा, चित्तरंजन पार्क: दिल्ली में दुर्गा पूजा की बात हो और सीआर पार्क (जिसे ‘दिल्ली का मिनी कोलकाता’ कहा जाता है) का नाम न आए, ऐसा हो ही नहीं सकता। यहां हर साल अनोखे थीम, स्वादिष्ट प्रसाद और उत्साहित भीड़ माहौल को खास बना देते हैं। लोग यहां पारंपरिक और सुंदर कपड़ों में सजकर आते हैं, जिससे पंडाल और भी रंगीन लगता है। (Photo Credit: classyclosetbytg/ Instagram)
कालीबाड़ी, मयूर विहार: मयूर विहार का कालीबाड़ी दुर्गा पूजा पंडाल भी देखने लायक है। हर साल यहां खूबसूरत प्रतिमाएं सजाई जाती हैं। पूजा के साथ-साथ यहां सांस्कृतिक कार्यक्रम और विशेष भोग भी लोगों को आकर्षित करते हैं। (Photo Credit: unfoldingwaves/ Instagram)
कश्मीरी गेट दुर्गा पूजा: दिल्ली की सबसे पुरानी दुर्गा पूजा में से एक, कश्मीरी गेट की पूजा 1910 से हो रही है। यहां पारंपरिक सजावट, भव्य प्रतिमाएं और सांस्कृतिक कार्यक्रम मुख्य आकर्षण हैं। हर साल बड़ी भीड़ यहां उमड़ती है और स्वादिष्ट भोग तो इसकी खास पहचान है। (Photo Credit: dilkiawaaz2.0/ Instagram)
मिंटो रोड पूजा समिति: दिल्ली का यह पुराना पंडाल अपनी सादगी और परंपरागत तरीके से मनाई जाने वाली पूजा के लिए जाना जाता है। शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम और बंगाली व्यंजन जैसे लाबड़ा, खिचड़ी और अन्य पकवान यहां का खास स्वाद बनाते हैं। (Photo Credit: missfoodaficionado/ Instagram)
सीआर पार्क मेला ग्राउंड: दिल्ली के सबसे मशहूर दुर्गा पूजा पंडालों में से एक, सीआर पार्क मेला ग्राउंड है। यहां सजावट मन मोह लेती है और साथ ही यह खाने-पीने के शौकीनों के लिए भी स्वर्ग है। बंगाली खाने के स्टॉल यहां पूजा की रौनक को और बढ़ा देते हैं। (Photo Credit: priyankajuma/ Instagram)
जीके-2 दुर्गोत्सव: 1992 से मनाया जा रहा जीके-2 दुर्गोत्सव, साउथ दिल्ली के लोगों के लिए एक खास आकर्षण बन चुका है। हाल ही में इसे नारायणी नमस्तुते ग्लोबल एक्सीलेंस पूजा अवार्ड्स 2024 में बेस्ट पंडाल/मंडप (दूसरा स्थान) पुरस्कार मिला। इसकी खासियत यह है कि यहां की पूरी कलाकारी का विचार और निर्माण, सब कुछ स्वयंसेवकों द्वारा ही किया जाता है। (Photo Credit: sumanmishra/ Instagram)
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