पूजा के समय ताज़े फूल, फल, मिठाई और धूप अर्पित करने से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है, घर में सुख-समृद्धि आती है और आध्यात्मिक विकास होता है। भक्त दीपक जलाते हैं और मंत्रों का जाप करते हैं ताकि देवी की दिव्य ऊर्जा से जुड़ सकें।
हालांकि, नवदुर्गों में ये ध्यान रखना जरूरी है कि कुछ चीज़ें मां दुर्गा को अर्पित नहीं करनी चाहिए। इन्हें अपवित्र या अनुचित माना जाता है और यह नकारात्मक असर डाल सकती हैं।
बासी या पुराने फल: पूजा में हमेशा ताज़े फल ही चढ़ाने चाहिए। कई दिनों से घर में रखे हुए या बासी हो चुके फल मां दुर्गा को नहीं चढ़ाने चाहिए, क्योंकि ताज़े फल पवित्रता और भक्ति का प्रतीक होते हैं।
अपवित्र फूल: मां दुर्गा की पूजा में फूलों का विशेष महत्व है, लेकिन केवल साफ और पवित्र फूल ही अर्पित करने चाहिए। गंदे स्थान से तोड़े हुए या ज़मीन पर गिरे हुए फूल अर्पित करना अशुभ माना जाता है।
तुलसी के पत्ते: तुलसी पूजा में पवित्र मानी जाती है, लेकिन नवरात्रि के दौरान मां दुर्गा को तुलसी के पत्ते अर्पित नहीं किए जाते। इसे अनुचित माना जाता है और परंपरागत रूप से इससे बचा जाता है।
तामसिक भोजन: नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा करते समय तामसिक भोजन जैसे मांस, शराब, या बहुत भारी और प्रोसेस्ड भोजन से परहेज करना चाहिए। इस समय सात्त्विक भोजन करना शुभ माना जाता है, जिससे मन पवित्र और शांत रहता है।
प्लास्टिक या कृत्रिम वस्तुएं: मां दुर्गा की पूजा में प्लास्टिक, नकली फूल, कृत्रिम माला या गैर-बायोडिग्रेडेबल चीज़ें अर्पित नहीं करनी चाहिए। इन्हें अपवित्र माना जाता है और ये पूजा की पवित्रता को प्रभावित करती हैं।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)
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