शनिवार को अमृतसर के पास एक किसान ने धान की कटाई के बाद खेत में पराली जलाई। अक्टूबर और नवंबर में धान की फसल के बाद पराली जलाना दिल्ली और एनसीआर की हवा को बेहद खराब कर देता है। (Photo Credit: AFP)
20 सितंबर को अमृतसर के पास खेतों में जली पराली से उठे धुएं में दोपहिया वाहन सवार लोग सफर करते दिखे। (Photo Credit: PTI)
पंजाब सरकार ने पिछले तीन सालों के आंकड़ों के आधार पर राज्य के आठ जिलों की 663 गाँवों को पराली जलाने वाले हॉटस्पॉट घोषित किया है। (Photo Credit: ANI)
अमृतसर के पास धान के खेत में पराली जलने से उठते धुएं के बीच लोग सड़कों पर चलते नजर आए। (Photo Credit: ANI)
हालांकि प्रशासन ने अलग-अलग जिलों में अभियान चलाकर किसानों को जागरूक करने की कोशिश की है, लेकिन अमृतसर के पास खेतों में किसान अब भी पराली जला रहे हैं। (Photo Credit: PTI)
पंजाब के आठ जिले संगरूर, फिरोज़पुर, बठिंडा, मोगा, बरनाला, मानसा, तरनतारन और फरीदकोट में 2024 में कुल 6,815 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई थीं। (Photo Credit: PTI)
अमृतसर के पास धान की कटाई के बाद एक किसान पराली जलाता दिखा, जिससे गहरा धुआं उठ रहा था। (Photo Credit: PTI)
इससे निपटने के लिए सरकार ने पराली प्रोटेक्शन फोर्स नाम की एक टीम बनाई है, जो रोज़ाना कार्रवाई की रिपोर्ट साझा करेगी। (Photo Credit: PTI)
अमृतसर के पास खेतों में धान की कटाई के बाद एक मज़दूर पराली उठाता हुआ देखा गया। (Photo Credit: PTI)
इस साल पराली जलाने का सिलसिला 16 सितंबर को अमृतसर से शुरू हो चुका है। (Photo Credit: PTI)
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