अगर आप इस त्योहार पर परिवार के साथ बाहर घूमने की सोच रहे हैं, तो दशहरा मेला एकदम सही जगह है। दिल्ली के दशहरा मेले सिर्फ़ रावण दहन तक सीमित नहीं हैं। यहां रामलीला के नाटक होते हैं, खाने-पीने के स्टॉल लगते हैं, बच्चों के लिए झूले और हर तरफ़ एक अलग ही त्योहार वाला माहौल होता है। यहां टॉप मेलों के बारे में बताया जा रहा है, जिन्हें आपको जरूर देखना चाहिए।
रामलीला मैदान: दिल्ली के सबसे पुराने और मशहूर रामलीला स्थलों में से एक। यहां हर साल भारी भीड़ जुटती है। रावण दहन के साथ जुलूस और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होते हैं।
लाल किला लव-कुश रामलीला: लाल किले के मैदानों में होने वाली सबसे बड़ी रामलीलाओं में से एक। इसमें भव्य नाटक, मशहूर हस्तियों की मौजूदगी और विशाल पुतला दहन होता है, जो लोगों का सबसे पसंदीदा आकर्षण है।
सुभाष मैदान रामलीला: लाल किले के पास स्थित यह जगह भी दशकों से रामलीला के लिए जानी जाती है। यहाँ भक्तिमय नाटक और मेले का माहौल परिवारों को खूब भाता है।
श्रीराम भारतीय कला केंद्र: मंडी हाउस में स्थित यह केंद्र रामलीला को नृत्य, संगीत और शानदार परिधानों के साथ रंगमंच पर पेश करता है। यह कला प्रेमियों के लिए खास है।
डीडीए ग्राउंड, पीतमपुरा: उत्तर-पश्चिम दिल्ली का यह मेला बहुत लोकप्रिय है। यहाँ रावण दहन के साथ खाने-पीने, खिलौनों और हस्तशिल्प के स्टॉल भी लगते हैं, जो परिवार के साथ घूमने के लिए बढ़िया है।
डीडीए ग्राउंड, पटपड़गंज: पूर्वी दिल्ली का यह मेला स्थानीय लोगों की पहली पसंद है। यहाँ की रामलीला दमदार संवाद और क्लासिक अंदाज़ के लिए मशहूर है।
जनकपुरी रामलीला मैदान: पश्चिमी दिल्ली का यह मैदान सबसे बड़े मेलों में से एक है। यहाँ विशाल पुतले, आतिशबाज़ी और सामुदायिक उत्सव देखने को मिलता है।
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