19 Minute 34 Second Viral Video: कथित “19 मिनट 34 सेकंड के वीडियो”, जिसे डस्टू सोनाली और सोफिक एसके से जोड़ा जा रहा है, को लेकर इंटरनेट सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। लोग इस वीडियो को खोज रहे हैं और कुछ लोग इसे देखने का दावा भी कर रहे हैं, लेकिन इसके अस्तित्व का कोई पुख्ता सबूत नहीं है। यह मामला अब एक बड़े ट्रेंड का रूप ले चुका है, जिसका इस्तेमाल ठग लोगों को फंसाने के लिए कर रहे हैं।
ऑनलाइन कई लिंक शेयर किए जा रहे हैं, जो पूरा वीडियो या उसके हिस्से दिखाने का दावा करते हैं। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि ऐसे ज्यादातर लिंक फर्जी होते हैं और एक बड़े स्कैम का हिस्सा होते हैं। इन लिंक पर क्लिक करने से डिवाइस में मालवेयर आ सकता है, जो पासवर्ड, बैंक डिटेल्स और निजी जानकारी चुरा सकता है।
लोग “पार्ट 2” और “पार्ट 3” भी क्यों खोज रहे हैं?
इन सर्च में भी तेजी आई है, जबकि इन हिस्सों के होने का भी कोई विश्वसनीय सबूत नहीं है। साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक आम तरीका है जिसमें कई नकली हिस्से बनाकर लोगों को खतरनाक वेबसाइट्स की ओर खींचा जाता है।
संभावना है कि कुछ वीडियो डीपफेक तकनीक से बनाए गए हों। यह एआई आधारित तकनीक नकली वीडियो बनाती है जो असली लगते हैं, लेकिन पूरी तरह झूठे होते हैं। ठग इस तरह के कंटेंट का इस्तेमाल लोगों को भ्रमित करने और अपनी ठगी को बढ़ाने के लिए करते हैं।
यह वायरल मामला दिखाता है कि कैसे ऑनलाइन ट्रेंड जल्दी ही जाल बन सकते हैं। लोगों की जिज्ञासा उन्हें असुरक्षित वेबसाइट्स तक ले जाती है, जहां वे अनजाने में गलत जानकारी साझा कर देते हैं।
विशेषज्ञों की सलाह है कि लोग सतर्क रहें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, खासकर जब वह असामान्य या चौंकाने वाला कंटेंट देने का दावा करता हो। किसी भी जानकारी को सही मानने से पहले भरोसेमंद स्रोत से जांच लें और संदिग्ध गतिविधियों की रिपोर्ट जरूर करें, क्योंकि इससे आपकी निजी जानकारी को खतरा हो सकता है।