19 मिनट के वायरल वीडियो विवाद के बीच, जिसमें गेमर पायल धारे (पायल गेमिंग) और बंगाली यूट्यूबर सोफिक SK व डस्टू सोनाली का नाम जुड़ा, सोशल मीडिया पर एक कथित 50 मिनट के “सीजन-5” वीडियो की अफवाहें फैल रही हैं। ये दावे इंस्टाग्राम, टेलीग्राम और यूट्यूब पर किए जा रहे हैं।
19 मिनट का वायरल वीडियो और ‘सीजन-5’ क्या है?
इस महीने की शुरुआत में एक 19 मिनट का वीडियो ऑनलाइन वायरल हुआ, जिसमें कथित तौर पर सोफिक SK और उनकी गर्लफ्रेंड डस्टू सोनाली दिखाए गए। बाद में इसके छोटे क्लिप्स फैलाए गए और कहा गया कि इसका पूरा वीडियो भी लीक हो गया है।
इसके बाद मेघालय की युवा इन्फ्लुएंसर स्वीट जन्नत को भी गलत तरीके से इस मामले से जोड़ा गया, लेकिन बाद में यह साबित हुआ कि वह वीडियो AI से बनाया गया डीपफेक था। कुछ हफ्तों बाद सोशल मीडिया पर यह दावा किया गया कि इसी मामले से जुड़ा 50 मिनट का “सीजन-5” वीडियो लीक हुआ है, जिसमें “नई लड़की” दिखाई गई है।
क्या ‘सीजन-5’ वीडियो असली है?
विशेषज्ञों ने इन दावों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि वायरल क्लिप्स AI डीपफेक हैं। वीडियो में पुरुष वही दिखता है, जबकि महिला का चेहरा AI से बदला गया है। चेहरे की अजीब हरकतें और गलत लिप-सिंक से साफ पता चलता है कि वीडियो नकली हैं।
50 मिनट के वीडियो की अफवाहें क्यों फैलाई जा रही हैं?
साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यह सब क्लिकबेट है। इसका मकसद लोगों का ध्यान खींचकर व्यूज और एंगेजमेंट बढ़ाना है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि फुल वीडियो या निजी क्लिप के नाम पर दिए गए लिंक पर क्लिक न करें, क्योंकि ये साइबर ठगी के लिए इस्तेमाल हो रहे हैं। इन फर्जी लिंक से यूजर्स के फोन या कंप्यूटर हैक हो सकते हैं और बैंक डिटेल्स व पासवर्ड जैसी निजी जानकारी चोरी हो सकती है।
19 मिनट के वायरल वीडियो का विवाद क्या है?
इस महीने 19 मिनट के कथित वीडियो के लीक होने के बाद सोशल मीडिया पर हंगामा मच गया। कुछ दिनों बाद पायल गेमिंग का नाम भी सामने आया, जिनका कथित निजी वीडियो वायरल किया गया। हालांकि कई लोगों ने कहा कि यह भी AI डीपफेक है।
इस तरह के मामलों में पहले भी कई इन्फ्लुएंसर्स को नुकसान हुआ है। ‘कच्चा बादाम’ फेम अंजलि अरोड़ा को भी वर्षों तक मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी थी, जब उनका मॉर्फ किया हुआ वीडियो इंटरनेट पर फैलाया गया था।