क्या दिन के अंत में आपको भी लगता है कि आज पर्याप्त एक्सरसाइज हुई या नहीं? कभी 30 मिनट का वर्कआउट हो जाता है लेकिन चलना-फिरना कम रहता है, तो कभी 10,000 स्टेप्स पूरे हो जाते हैं पर एक्सरसाइज नहीं हो पाती।
फिटनेस ऐप्स के लगातार रिमाइंडर की वजह से यह समझना मुश्किल हो जाता है कि सेहत के लिए असल में क्या ज्यादा जरूरी है। तो सवाल यह है किक्या 30 मिनट की एक्सरसाइज काफी है या रोज 10,000 कदम चलना बेहतर?
फिटनेस ट्रेनर मितुशी अजमेरा के अनुसार, दोनों के अपने फायदे हैं, लेकिन हर व्यक्ति के शरीर की जरूरत अलग होती है। इसलिए किसी भी रूटीन को अपनाने से पहले यह समझना जरूरी है कि आपके लिए क्या सही है।
30 मिनट की रोज़ाना एक्सरसाइज क्यों जरूरी है?
रोज़ 30 मिनट की एक्सरसाइज को हाई रिटर्न एक्टिविटी कहा जाता है। मितुशी अजमेरा बताती हैं कि स्ट्रक्चर्ड वर्कआउट जैसे स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, योग, पिलाटेस, HIIT या रेजिस्टेंस ट्रेनिंग शरीर को सिर्फ चलाते नहीं, बल्कि उसे मजबूत भी बनाते हैं।
अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार, हफ्ते में 150 मिनट की मध्यम या तेज एक्सरसाइज जरूरी है, जिसे 5 दिन रोज़ 30 मिनट एक्सरसाइज करके पूरा किया जा सकता है। इससे ताकत, बॉडी पोस्चर, संतुलन और मूवमेंट बेहतर होता है।
स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से मसल्स मजबूत होती हैं, हड्डियों की घनता बढ़ती है और मेटाबॉलिज्म तेज होता है। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आर्थराइटिस के अनुसार, नियमित एक्सरसाइज से ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा भी कम होता है। साथ ही यह ब्लड शुगर, हार्मोन और तनाव को कंट्रोल करने में मदद करती है।
मानसिक और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए एक्सरसाइज
क्लिनिकल एपिडेमियोलॉजी में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक, अगर आप 30 मिनट बैठने की जगह फिजिकल एक्टिविटी करें, तो हार्ट से जुड़ी मौत का खतरा 24% तक कम हो सकता है। एक्सरसाइज से चिंता और डिप्रेशन कम होता है और मूड बेहतर रहता है।
जर्नल ऑफ सपोर्ट एंड साइंस की एक स्टडी बताती है कि नियमित एक्सरसाइज इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाती है और उम्र बढ़ने से होने वाली कमजोरी को धीमा कर सकती है। यानी 30 मिनट की एक्सरसाइज शरीर और दिमाग दोनों के लिए फायदेमंद है।
जानें 10,000 स्टेप्स की सच्चाई
10,000 कदम चलना लंबे समय से फिटनेस का गोल माना जाता है, लेकिन इसके पीछे पुख्ता वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। मितुशी अजमेरा के अनुसार, चलना NEAT (Non-Exercise Activity Thermogenesis) का हिस्सा है, यानी वह मूवमेंट जो एक्सरसाइज के अलावा रोज़मर्रा में होती है।
चलने से ब्लड सर्कुलेशन, पाचन, जोड़ों की मूवमेंट और रीढ़ की सेहत बेहतर होती है। इसे दिनचर्या में आसानी से शामिल किया जा सकता है जैसे खाने के बाद, ऑफिस में या घर के काम के दौरान। इसके फायदे पाने के लिए 10,000 कदम एक साथ चलना जरूरी नहीं है।
Brigham Young University की रिसर्च बताती है कि बुज़ुर्गों में रोज करीब 7,000 कदम चलने से समय से पहले मौत का खतरा कम हो जाता है, और 10,000 से ज्यादा चलने का कोई अतिरिक्त फायदा नहीं दिखा।
किन लोगों को 10,000 कदम चलने से बचना चाहिए?
हर किसी के लिए 10,000 कदम का लक्ष्य सही नहीं होता। नए लोग, घुटने, टखने, कूल्हे या कमर की समस्या वाले लोग, या जो पहले से बहुत एक्टिव हैं, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। अगर ज्यादा चलने से दर्द या थकान बढ़ रही है, तो रूटीन बदलना जरूरी है। शुरुआत में 4,000–6,000 कदम चलना ज्यादा सुरक्षित और सही होता है।
आखिर क्या बेहतर है?
30 मिनट की एक्सरसाइज और 10,000 कदम में से कोई एक ही सबसे अच्छा नहीं है। सबसे सही तरीका है दोनों का संतुलन। रोज 30 मिनट की स्ट्रक्चर्ड एक्सरसाइज के साथ 4,000–8,000 कदम चलना शरीर की ताकत, मूवमेंट, मेटाबॉलिज्म और पाचन के लिए बेहतर माना जाता है।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)