Pappu Yadav Notice: महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण के मामले में अब सांसद पप्पू यादव भी कूद पड़े हैं। बिहार के पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने महिलाओं के मामले में विवादित बयान दिया है। इस पर बिहार राज्य महिला आयोग ने नोटिस भेजा है। मंगलवार (21 अप्रैल, 2026) की तारीख में यह नोटिस भेजा गया है। पप्पू यादव ने पॉलिटिक्स में काम करने वाली महिलाओं को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया था। उसी के संबंध में यह नोटिस जारी हुआ है।
पप्पू यादव ने दावा किया है कि देश की राजनीति में महिलाओं के लिए बिना किसी समझौते के आगे बढ़ना लगभग असंभव बना दिया गया है। उनकी सुरक्षा को भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। मीडिया से बातचीत में पप्पू यादव ने कहा कि भले ही भारतीय समाज में महिलाओं को देवी का दर्जा दिया जाता है, लेकिन वास्तविकता इसके बिल्कुल उलट है।
जानिए क्या है पूरा मामला
पिछले दिनों पप्पू यादव ने राजनीति में काम कर रही महिलाओं पर टिप्पणी की थी। नारी शक्ति वंदन पर छिड़े सियासी जंग के बीच पप्पू यादव ने महिलाओं को लेकर कहा था कि 90 फीसदी महिला नेता के रूम में गए बिना राजनीति नहीं कर सकती है। हर दिन नेताओं का सीसीटीवी फुटेज भी वायरल होता है। स्कूल हो दफ्तर हो हर जगह महिलाओं का शोषण होता है। अमेरिका से लेकर भारत तक महिलाओं पर नेताओं की गिद्ध दृष्टि है।
बिहार महिला आयोग ने भेजा नोटिस
बिहार राज्य महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान में लेकर नोटिस जारी किया है। इसमें कहा गया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से एक प्रसारित वीडियो में राजनीतिक क्षेत्र में कार्य कर रही महिलाओं के प्रति आपके द्वारा घृणित बयान दिया गया है। इसमें आपके द्वारा यह बात कही गई है कि राजनीति में कार्य कर रही महिलाएं किसी न किसी राजनेताओं के साथ बेड शेयर करके ही आती है, जो महिलाओं के आत्मसम्मान एवं सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाती है।
जवाब देने के लिए दिया गया तीन दिन का समय
पप्पू यादव को जवाब देने के लिए तीन दिनों का समय दिया गया है। उनके विवादित बयान के मामले में बिहार राज्य महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है। आयोग की अध्यक्ष अप्सरा की ओर से नोटिस जारी हुआ है। अब देखना होगा कि पप्पू यादव अपनी सफाई में क्या कुछ कहते हैं।