
परिवार के कई सदस्यों के आधार की जानकारी संभालना कई बार मुश्किल हो सकता है। अलग-अलग दस्तावेज अपने पास रखने या अलग-अलग डिजिटल रिकॉर्ड देखने की जरूरत पड़ती है। नया आधार ऐप इस काम को आसान बनाने की कोशिश करता है। इसकी मदद से एक ही मोबाइल फोन में परिवार के अधिकतम पांच आधार प्रोफाइल संभाले जा सकते हैं।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के अनुसार, वैध आधार संख्या वाला व्यक्ति आधार ऐप में अधिकतम पांच प्रोफाइल बना सकता है। इस सुविधा का उद्देश्य परिवार के सदस्यों के लिए एक ही ऐप के जरिए आधार से जुड़ी सेवाओं का इस्तेमाल आसान बनाना है।
आधार ऐप भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की ओर से बनाया और संचालित किया जाने वाला आधिकारिक मोबाइल ऐप है। यह एंड्रॉयड और आईओएस दोनों तरह के मोबाइल फोन पर उपलब्ध है। इसके जरिए मोबाइल फोन से आधार से जुड़ी कई सेवाओं का इस्तेमाल किया जा सकता है।
ऐप में पंजीकरण करने के लिए उपयोगकर्ता को अपनी आधार संख्या दर्ज करनी होती है। इसके बाद संबंधित सिम कार्ड का चयन करना होता है। चेहरे की पहचान के जरिए सत्यापन पूरा करने के बाद ऐप को सुरक्षित रखने के लिए छह अंकों की गुप्त संख्या निर्धारित करनी होती है।
नए ऐप की सबसे खास सुविधाओं में से एक यह है कि एक ही मोबाइल फोन में अधिकतम पांच आधार प्रोफाइल संभाली जा सकती हैं।
यह सुविधा उन परिवारों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिनके कई सदस्यों को समय-समय पर डिजिटल रूप में अपना आधार दिखाने या उससे जुड़ी जानकारी देखने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में हर सदस्य के अलग-अलग भौतिक दस्तावेज रखने की जरूरत कम हो सकती है।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि आधार ऐप में अधिकतम पांच प्रोफाइल बनाई जा सकती हैं।
ऐप में कुछ परिस्थितियों में नाबालिग का आधार प्रोफाइल भी जोड़ा जा सकता है।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के अनुसार, अगर आधार बनवाते समय अभिभावक और नाबालिग के रिश्ते की पुष्टि उंगली या आंख की पहचान जैसे जैविक सत्यापन के जरिए हुई थी, तो नाबालिग का प्रोफाइल जोड़ा जा सकता है।
इसके लिए नाबालिग को अपनी आधार संख्या दर्ज करनी होगी और इसके बाद अभिभावक को चेहरे की पहचान के जरिए सत्यापन पूरा करना होगा। अगर नाबालिग का अनिवार्य जैविक जानकारी अद्यतन पहले ही पूरा हो चुका है, तो प्रोफाइल जोड़ने के लिए नाबालिग खुद चेहरे की पहचान के जरिए सत्यापन कर सकता है।
आधार ऐप में केवल प्रोफाइल संभालने की सुविधा ही नहीं है, बल्कि आधार से जुड़ी कई अन्य सेवाएं भी उपलब्ध हैं। इनमें मोबाइल नंबर और पता बदलना, जैविक पहचान को बंद या चालू करना, सत्यापन का इतिहास देखना, ई-आधार डाउनलोड करना, संपर्क पत्र साझा करना और किए गए अनुरोधों की स्थिति देखना शामिल है।
इसके अलावा, उपयोगकर्ता अपनी सहमति और इच्छा के अनुसार आधार से जुड़ी सत्यापित पहचान संबंधी जानकारी भी सुरक्षित तरीके से साझा कर सकता है। यह सुविधा उन संस्थाओं के साथ जानकारी साझा करने में मदद करती है, जिन्हें पहचान का सत्यापन करना होता है।
आधार ऐप में पंजीकरण के दौरान उपयोगकर्ता को पहचान सत्यापन पूरा करना होता है। इसके बाद ऐप तक पहुंचने के लिए छह अंकों की गुप्त संख्या तय करनी होती है।
ऐप में जैविक पहचान को बंद और चालू करने की सुविधा भी दी गई है। इससे आधार धारक यह नियंत्रित कर सकता है कि उसकी जैविक पहचान का इस्तेमाल कब किया जाए।
आधार ऐप में कई सुविधाएं उपलब्ध होने के बावजूद अभी आधार की हर जानकारी बदलने की सुविधा नहीं है।
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण के अनुसार, नाम, लिंग, ईमेल और जन्म तिथि में बदलाव फिलहाल ऐप के जरिए नहीं किया जा सकता। इसी तरह फोटो, उंगलियों के निशान और आंखों की पुतली से जुड़ी जानकारी भी ऐप से नहीं बदली जा सकती। इन जानकारियों में बदलाव के लिए आधार सेवा केंद्र या आधार नामांकन और अद्यतन केंद्र जाना जरूरी होगा।
एक ही मोबाइल फोन में अधिकतम पांच आधार प्रोफाइल संभालने की सुविधा परिवारों के लिए डिजिटल आधार का इस्तेमाल आसान बना सकती है। परिवार के पात्र सदस्य एक ही फोन से अपनी डिजिटल पहचान संबंधी जानकारी तक पहुंच सकते हैं। इससे अलग-अलग आधार दस्तावेज साथ रखने की जरूरत भी कम हो सकती है।
यह सुविधा भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण की आधार सेवाओं को अधिक डिजिटल, आसान और सुरक्षित बनाने की दिशा में एक कदम है। इसका उद्देश्य लोगों को मोबाइल फोन के जरिए आधार से जुड़े जरूरी काम करने की सुविधा देना और जहां संभव हो, भौतिक दस्तावेजों पर निर्भरता कम करना है।
मनाली रस्तोगी मीडिया जगत की एक समर्पित और अनुभवी लेखिका हैं, जो पिछले 8 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय रूप से काम कर रही हैं। उन्होंने वर्ष 2019 में लखनऊ यूनिवर्सिटी से मास्टर्स इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने मीडिया की दुनिया को समझना और लेखन के प्रति अपनी रुचि को मजबूत करना शुरू कर दिया था। अपनी प्रोफेशनल यात्रा की शुरुआत उन्होंने वैसे तो ग्रेजुएशन के समय लखनऊ से कर दी थी, लेकिन उनके करियर को नया आयाम दिल्ली में लोकमत ग्रुप के साथ मिला, जहां उन्होंने करीब 2 साल 10 महीने तक काम किया और इस दौरान उन्होंने खबरों की गहराई को समझने और पाठकों तक सही और उपयोगी जानकारी पहुंचाने का अनुभव हासिल किया। इसके बाद उन्होंने टीवी9 भारतवर्ष के साथ बतौर फ्रीलांसर काम किया, जहां उन्होंने लाइफस्टाइल सेक्शन में काम कर अपनी लेखन शैली और अनुभव को और मजबूत बनाया। वर्तमान में मनाली रस्तोगी लाइव मिंट हिंदी के साथ जुड़ी हुई हैं, जहां उन्हें काम करते हुए लगभग 10 महीने हो चुके हैं। यहां वह मुख्य रूप से एंटरटेनमेंट और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लिखती हैं, साथ ही पर्सनल फाइनेंस जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर भी आसान और समझने योग्य भाषा में जानकारी साझा करती हैं। उनका उद्देश्य पाठकों को ऐसी जानकारी देना है, जो उनके दैनिक जीवन में उपयोगी साबित हो और उन्हें सही फैसले लेने में मदद करे। मनाली सरल, स्पष्ट और पाठकों से जुड़ने वाली भाषा में लिखना पसंद करती हैं। काम के अलावा मनाली को अपने खाली समय में स्विमिंग करना, नई जगहों पर घूमना और फिल्में देखना बेहद पसंद है। उन्हें अपने घर को बजट फ्रेंडली तरीके से सजाना भी अच्छा लगता है, जिससे उन्हें रचनात्मक संतुष्टि मिलती है। मनाली दिल्ली में रहती हैं।
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