
नए साल की शुरुआत के साथ ही मौसम ने अपना तेवर सख्त कर लिया है। उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में ठंड अचानक बढ़ गई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। कड़ाके की ठंड और गलन के कारण लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार आने वाले दिनों में ठंड का असर और तेज हो सकता है।
मौसम विभाग ने 5 जनवरी 2026 को लेकर चेतावनी जारी की है, जिसमें कई राज्यों में शीतलहर, घना कोहरा और बेहद कम तापमान की संभावना जताई गई है। मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ रही है, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फ गिरने के आसार बने हुए हैं।
इसके अलावा बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी गतिविधियों के चलते दक्षिण भारत, खासकर तमिलनाडु में बारिश हो सकती है। दिल्ली-एनसीआर और उत्तर-पश्चिम भारत में ठंड का असर खास तौर पर महसूस किया जा रहा है। पहाड़ों में हो रही बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने से ठंडी हवाएं मैदानों की ओर बढ़ रही हैं।
मौसम विभाग का अनुमान है कि इस सप्ताह राजधानी और आसपास के इलाकों में तापमान में और गिरावट दर्ज की जा सकती है। न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक नीचे जा सकता है। वहीं हवा की गुणवत्ता में सुधार को देखते हुए ग्रैप-3 के तहत लगाई गई कुछ पाबंदियों में राहत दी गई है।
उत्तर भारत के कई राज्यों में ठंड का प्रकोप जारी रहने वाला है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 7 जनवरी तक शीतलहर की स्थिति बनी रह सकती है। राजस्थान के पश्चिमी हिस्सों में 5 से 9 जनवरी तक और पूर्वी भागों में 10 जनवरी तक ठंड का असर महसूस किया जाएगा। झारखंड के कुछ क्षेत्रों में भी 6 और 7 जनवरी को ठंडी हवाओं के साथ शीतलहर चलने की आशंका है।
ठंड के साथ-साथ कोहरा भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में रात और सुबह के समय बेहद घना कोहरा छाने की संभावना है, जिससे दृश्यता काफी कम हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 8 जनवरी तक, जबकि मध्य प्रदेश और ओडिशा में 6 जनवरी तक कोहरे का असर बना रह सकता है। इससे सड़क और रेल यातायात पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
पहाड़ी राज्यों में मौसम और भी कठोर बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और आसपास के इलाकों में 5 और 6 जनवरी को हल्की से मध्यम बारिश या बर्फबारी हो सकती है। हिमाचल प्रदेश में भी इन दिनों बर्फ गिरने के आसार हैं, जबकि उत्तराखंड में 6 जनवरी को बर्फबारी की संभावना जताई गई है। कुछ इलाकों में पाला पड़ने की चेतावनी दी गई है, जिससे फसलों को नुकसान हो सकता है।
मौसम विभाग का कहना है कि अगले तीन दिनों के दौरान मध्य और पूर्वी भारत में तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और गिरावट संभव है। हालांकि गुजरात के लोगों को कुछ राहत मिल सकती है, जहां आने वाले पांच दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी होने का अनुमान है।
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