उत्तर भारत के मौसम में अचानक बदलाव आया है और इसका कारण पश्चिमी विक्षोभ है। बता दें कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय हो आया है। वहीं, कश्मीर में इस सीजन की पहली बर्फबारी हुई है, जबकि पूरे उत्तर भारत सहित दिल्ली-एनसीआर में कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और शीतलहर से लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं। खराब मौसम का असर हवाई, रेल और सड़क यातायात पर भी साफ-साफ दिखाई दे रहा है।
कश्मीर में चिल्ले कलां की शुरुआत
कश्मीर में बर्फबारी के साथ ही आज से चिल्ले कलां की शुरुआत हो गई है। यह सर्दी का सबसे कठोर 40 दिन का दौर होता है, जो 30 जनवरी तक चलता है। इस दौरान भारी बर्फबारी होती है और तापमान शून्य से नीचे चला जाता है, जिससे नदियां और जलस्रोत तक जम जाते हैं।
हालात से निपटने के लिए प्रशासन ने बर्फ हटाने की मशीनें तैनात कर दी हैं। हिमाचल प्रदेश के ऊपरी इलाकों में लगातार बर्फ गिर रही है। उत्तराखंड में भी बर्फबारी की संभावना जताई गई है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अगले कुछ दिनों तक बारिश और बर्फबारी जारी रह सकती है।
उत्तर प्रदेश में रेड अलर्ट
उत्तर प्रदेश में भीषण ठंड को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने अगले एक हफ्ते तक घने कोहरे और शीतलहर की चेतावनी दी है। कई जिलों में कोहरे के कारण सड़कों पर वाहन धीमी रफ्तार से चले। कानपुर, बरेली जैसे शहरों में स्कूल बंद रहे, जबकि बुंदेलखंड में स्कूलों का समय बदल दिया गया।
बुलंदशहर राज्य का सबसे ठंडा जिला रहा, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लखीमपुर खीरी में 8 और बाराबंकी में 8.5 डिग्री तापमान रहा। वाराणसी में दिन और रात के तापमान का अंतर सबसे कम रहा।
दिल्ली में शीतलहर घोषित
दिल्ली में इस सीजन का सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया है। मौसम विभाग ने शीतलहर की आधिकारिक घोषणा कर दी है। मैदानी इलाकों में जब न्यूनतम तापमान 4 डिग्री या उससे कम हो जाता है, या सामान्य से काफी नीचे चला जाता है, तो शीतलहर मानी जाती है।
दिल्ली के आईजीआई एयरपोर्ट पर घने कोहरे के कारण 138 उड़ानें रद कर दी गईं और 700 से ज्यादा उड़ानें देरी से चलीं। दृश्यता कम होने के चलते ‘लो विजिबिलिटी प्रोसीजर’ लागू किया गया।
कई विमानों को जयपुर, लखनऊ और अहमदाबाद जैसे शहरों की ओर मोड़ दिया गया। दिल्ली से देहरादून की उड़ान रद कर दी गई, जबकि भुवनेश्वर से देहरादून आने वाली फ्लाइट जयपुर भेजी गई। पटना, रांची और जम्मू एयरपोर्ट पर भी कई उड़ानें रद या देरी से चलीं।
रेल सेवाएं भी प्रभावित
कोहरे की वजह से दिल्ली आने वाली 70 से ज्यादा ट्रेनें दो घंटे से अधिक देर से पहुंचीं। राजधानी, शताब्दी, वंदे भारत और तेजस जैसी प्रमुख ट्रेनें भी अपने तय समय पर नहीं चल सकीं। यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कुल मिलाकर, पश्चिमी विक्षोभ के कारण उत्तर भारत में सर्दी अपने चरम पर है और आने वाले कुछ दिन भी राहत मिलने की उम्मीद कम है।