
देश के कई हिस्सों में मार्च की शुरुआत होते ही गर्मी तेज होने लगी है। महाराष्ट्र के अकोला जिले में तापमान अभी से 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। दिल्ली, पटना, लखनऊ, भोपाल और चंडीगढ़ जैसे शहरों में भी गर्मी धीरे-धीरे बढ़ रही है। इसी बीच बंगाल की खाड़ी में बना एक मौसम तंत्र आने वाले दिनों में देश के मौसम को प्रभावित कर सकता है।
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार म्यांमार के पास बंगाल की खाड़ी में एक बड़ा वायुमंडलीय परिसंचरण बन गया है। यह सिस्टम धीरे-धीरे भारत की ओर बढ़ रहा है। इसके असर से खासतौर पर पूर्वी और दक्षिण-पूर्वी इलाकों में मौसम बदलने की संभावना है। इसी वजह से मौसम विभाग ने कई राज्यों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट जारी किया है।
यह सिस्टम ऐसे समय बना है जब देश के कई हिस्सों में गर्मी सामान्य समय से पहले महसूस की जा रही है। यहां तक कि पहाड़ी राज्यों में भी तापमान सामान्य से काफी ज्यादा दर्ज किया जा रहा है। ऐसे में बंगाल की खाड़ी से आने वाला यह सिस्टम कुछ क्षेत्रों में लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत दे सकता है।
मौसम विभाग के अनुसार 9 से 14 मार्च के बीच कई राज्यों में हल्की से मध्यम बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक देखने को मिल सकती है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में हीटवेव की स्थिति भी बन सकती है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक म्यांमार के यांगून से करीब 500 किलोमीटर पश्चिम में यह बड़ा वायुमंडलीय सिस्टम सक्रिय है। इसके प्रभाव से आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और ओडिशा सहित आसपास के इलाकों में बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना बन रही है। मौसम विशेषज्ञ इसे मार्च के शुरुआती दिनों में होने वाला एक महत्वपूर्ण मौसम बदलाव मान रहे हैं।
दूसरी ओर उत्तर भारत में गर्मी का असर लगातार बढ़ता जा रहा है। पहाड़ी इलाकों में तापमान सामान्य से 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक ज्यादा रिकॉर्ड किया जा रहा है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में यह 3 से 5 डिग्री अधिक है। हालांकि 9 से 11 मार्च के बीच एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके कारण पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में बारिश और बर्फबारी हो सकती है। इससे कुछ हद तक राहत मिल सकती है।
मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में 9 से 14 मार्च के बीच गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। कई स्थानों पर 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। भले ही बारिश ज्यादा न हो, लेकिन इससे तापमान में थोड़ी गिरावट आने की उम्मीद है।
दिल्ली-एनसीआर में मार्च की शुरुआत से ही गर्मी का असर बढ़ने लगा है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों तक आसमान में हल्के बादल रह सकते हैं, लेकिन गर्मी से ज्यादा राहत मिलने की उम्मीद नहीं है।
यहां अधिकतम तापमान 34 से 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 16 से 18 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है। दिन के समय तेज धूप के कारण दोपहर में गर्मी ज्यादा महसूस हो सकती है। हल्की हवाएं चलने से थोड़ी राहत मिल सकती है, लेकिन कुल मिलाकर मौसम गर्म और शुष्क बना रहेगा।
उत्तर प्रदेश में आने वाले तीन दिनों तक मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। राज्य के कई हिस्सों में दिन का तापमान सामान्य से 3 से 5 डिग्री ज्यादा रह सकता है। इसके कारण दोपहर के समय गर्मी का असर धीरे-धीरे बढ़ेगा। हालांकि सुबह और शाम के समय हल्की ठंडक महसूस हो सकती है।
उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम कुछ अलग रह सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से यहां कई जगहों पर बादल छाने और हल्की बारिश की संभावना है। ऊंचाई वाले इलाकों में तापमान में थोड़ी गिरावट भी देखने को मिल सकती है।
बिहार और झारखंड में भी मौसम में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। यहां तापमान बढ़ने लगा है, लेकिन आने वाले दिनों में बारिश की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार 9 से 11 मार्च के बीच कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका भी है, इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे कुछ समय के लिए तापमान में गिरावट आ सकती है।
पंजाब और हरियाणा में फिलहाल मौसम शुष्क बना हुआ है। अगले कुछ दिनों तक यहां किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। दिन में तेज धूप के कारण तापमान धीरे-धीरे बढ़ सकता है, जबकि सुबह और रात का मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रह सकता है। फिलहाल इन राज्यों में बारिश की संभावना बहुत कम है।
हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भी इन दिनों तापमान सामान्य से ज्यादा दर्ज किया जा रहा है, जिससे पहाड़ी क्षेत्रों में भी गर्मी का असर महसूस हो रहा है। हालांकि 9 से 11 मार्च के बीच पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण यहां कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। ऊंचे इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना है। इस दौरान तेज हवाएं चलने से तापमान में कुछ गिरावट आ सकती है।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी गर्मी का असर बढ़ता दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी राजस्थान के कुछ हिस्सों में 8 से 10 मार्च के बीच हीटवेव की स्थिति बन सकती है। दिन के समय तापमान काफी अधिक रह सकता है, जिससे लोगों को लू जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है।
मध्य प्रदेश के अधिकांश क्षेत्रों में फिलहाल मौसम स्थिर बना हुआ है, लेकिन आने वाले दिनों में तापमान धीरे-धीरे बढ़ने की संभावना है। विशेषज्ञ लोगों को धूप से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दे रहे हैं।
गुजरात और महाराष्ट्र में भी गर्मी तेजी से बढ़ रही है। खासतौर पर महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में 8 से 12 मार्च के बीच हीटवेव चलने की संभावना है। इससे तापमान सामान्य से काफी ऊपर जा सकता है। गुजरात के उत्तरी हिस्सों में भी 9 और 10 मार्च को तेज गर्मी महसूस हो सकती है।
दक्षिण भारत के कई राज्यों में मौसम गर्म और उमस भरा बना हुआ है। तमिलनाडु में लोगों को गर्मी के साथ नमी का भी सामना करना पड़ रहा है। चेन्नई और आसपास के इलाकों में तापमान बढ़ने से दिन में उमस ज्यादा महसूस हो सकती है। हालांकि मन्नार की खाड़ी में बने चक्रवाती सिस्टम के कारण नीलगिरी, कन्याकुमारी और कुछ तटीय क्षेत्रों में हल्की बारिश हो सकती है। इसके बावजूद 14 मार्च तक तमिलनाडु और पुडुचेरी में मौसम अधिकतर शुष्क रहने का अनुमान है।
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में फिलहाल मौसम स्थिर बना हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि यहां आने वाले दिनों में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। हालांकि बंगाल की खाड़ी के सिस्टम का हल्का असर पूर्वी इलाकों में दिखाई दे सकता है, जिससे कुछ जगहों पर बादल छाने की संभावना है। तापमान सामान्य स्तर के आसपास ही बना रह सकता है।
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