चक्रवात सेनयार अब कमजोर पड़ने लगा है। मौसम विभाग के अनुसार यह तूफान वर्तमान में बंगाल की खाड़ी में मलक्का जलडमरूमध्य के पास पहुंच चुका है और निकोबार द्वीपसमूह से काफी दूर है। इसका रुख अब उत्तर-पूर्व दिशा की ओर है, इसलिए यह भारत से धीरे-धीरे दूर जा रहा है। इसके बावजूद खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
तमिलनाडु में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही केरल और आंध्र प्रदेश में भी जोरदार बारिश की संभावना जताई गई है। इसकी वजह एक और नया चक्रवात है, जिसका नाम दितवाह (DITWAH) रखा गया है। यह तूफान श्रीलंका के तट के पास बना है और इसके प्रभाव में बने बादल तमिलनाडु तक पहुंच चुके हैं, जिससे केरल में अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।
मौसम विभाग का कहना है कि दितवाह दो बार जमीन से टकरा सकता है, पहले श्रीलंका में और फिर तमिलनाडु के तट पर। विशेषज्ञ लगातार इसके मार्ग पर नजर रख रहे हैं। इसके चलते अचानक बाढ़, भूस्खलन, पेड़ों के गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और परिवहन व्यवस्था में रुकावट जैसे हालात उत्पन्न हो सकते हैं, जिससे सामान्य जीवन प्रभावित होने की आशंका है।
उधर, उत्तर भारत में ठंड तेजी से बढ़ रही है। दिल्ली और आसपास के इलाकों में तापमान गिरने के साथ-साथ हवा की गुणवत्ता भी खराब बनी हुई है। मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और चंडीगढ़ में 1 दिसंबर तक घने कोहरे की चेतावनी दी है। पूर्वी राजस्थान में भी कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है। इसके अलावा पंजाब में 28 और 29 नवंबर को और राजस्थान के कई हिस्सों में 3 से 4 दिसंबर के बीच शीतलहर चलने की संभावना जताई गई है।