बॉलीवुड में ‘परफेक्शनिस्ट’ कहे जाने वाले आमिर खान एक बार फिर अपने जबरदस्त फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर चर्चा में हैं। मार्च में 61 साल के होने से पहले आमिर ने 18 किलो वजन कम किया है। खास बात यह है कि इसके पीछे न कोई कड़ी जिम ट्रेनिंग थी और न ही क्रैश डाइट, बल्कि एक खास एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट थी।
बॉलीवुड में ‘परफेक्शनिस्ट’ कहे जाने वाले आमिर खान एक बार फिर अपने जबरदस्त फिजिकल ट्रांसफॉर्मेशन को लेकर चर्चा में हैं। मार्च में 61 साल के होने से पहले आमिर ने 18 किलो वजन कम किया है। खास बात यह है कि इसके पीछे न कोई कड़ी जिम ट्रेनिंग थी और न ही क्रैश डाइट, बल्कि एक खास एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट थी।
आमिर खान ने यह डाइट क्यों शुरू की?
14 जनवरी को बॉलीवुड हंगामा को दिए इंटरव्यू में आमिर ने बताया कि वजन कम होना उनका मकसद नहीं था। वह यह डाइट माइग्रेन (आधे सिर का दर्द) से राहत पाने के लिए कर रहे थे। आमिर ने कहा, “यह अपने आप हुआ। मैंने यह डाइट माइग्रेन के लिए शुरू की थी। यह एक एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट है, जिसने मेरे लिए जादू जैसा काम किया। मेरा 18 किलो वजन कम हुआ और माइग्रेन भी काफी हद तक कम हो गया।”
‘इंफ्लेमेशन वेट’ का विज्ञान
आजकल कई सेलेब्रिटीज तेजी से वजन घटाने वाली डाइट्स से हटकर ऐसी न्यूट्रिशन की ओर जा रहे हैं, जो शरीर को अंदर से ठीक करे। अक्टूबर 2024 में एक इंटरव्यू में अभिनेत्री विद्या बालन ने भी बताया था कि उन्होंने बिना एक्सरसाइज के एंटी-इंफ्लेमेटरी डाइट से वजन कम किया। लेकिन सवाल यह है कि सूजन कम करने वाली डाइट से वजन कैसे घटता है?
दिसंबर 2024 में न्यूट्रिशनिस्ट शिखा सिंह ने बताया कि लगातार बनी रहने वाली सूजन (क्रॉनिक इंफ्लेमेशन) अक्सर जिद्दी चर्बी की बड़ी वजह होती है। खराब नींद, ज्यादा शुगर, प्रोसेस्ड फूड, शराब या तनाव से शरीर में ‘साइटोकाइन्स’ नाम के केमिकल्स निकलते हैं। ये केमिकल्स इंसुलिन और लेप्टिन जैसे जरूरी हार्मोन्स के काम में बाधा डालते हैं, जो ब्लड शुगर और भूख को कंट्रोल करते हैं। इससे शरीर ज्यादा फैट स्टोर करने लगता है और वजन तेजी से बढ़ता है।
क्या चीजें अवॉइड करनी चाहिए?
न्यूट्रिशनिस्ट सिमरन चोपड़ा के मुताबिक, एंटी-इंफ्लेमेटरी लाइफस्टाइल अपनाने के लिए किचन की चीजों पर खास ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ बताए हैं, जो शरीर में सूजन बढ़ाते हैं। इन चीजों से दूरी बनाने की सलाह दी जाती है:
आमिर खान का ट्रांसफॉर्मेशन यह दिखाता है कि वजन कम करना सिर्फ कैलोरी घटाने या घंटों जिम जाने से नहीं होता। सही डाइट, जो शरीर की सूजन को कम करे, न सिर्फ वजन घटाने में मदद कर सकती है, बल्कि माइग्रेन जैसी समस्याओं से भी राहत दिला सकती है।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)