टीवी शो ‘भाबीजी घर पर हैं’ में विभूति नारायण मिश्रा का किरदार हर किसी का पसंदीदा है। इस भूमिका को अभिनेता आसिफ शेख ने निभाया है। उन्होंने इस शो में अब तक 35 से ज्यादा महिला किरदार निभाए हैं। अपने अनोखे अंदाज और मज़ेदार अभिनय से उन्होंने लाखों दिल जीते हैं। हाल ही में फिल्म ‘भाबीजी घर पर हैं: फन ऑन द रन’ के रिलीज होने के बाद वह फिर से चर्चा में आ गए हैं।
जानें आसिफ शेख के बारे में जरूरी बातें
आसिफ शेख का जन्म 11 नवंबर 1964 को दिल्ली में हुआ था। उन्होंने खालसा कॉलेज से इंग्लिश ऑनर्स की पढ़ाई की और इसके बाद होटल मैनेजमेंट का कोर्स किया। मंडी हाउस के थिएटर से जुड़कर उनके अभिनय के शौक को सही दिशा मिली।
साल 1984 में उन्होंने टीवी के मशहूर धारावाहिक ‘हम लोग’ से अपने करियर की शुरुआत की। करीब 38 साल पहले उन्होंने बॉलीवुड में भी कदम रखा और फिल्मों व टीवी सीरियल्स में काम किया। करियर की शुरुआत में उन्होंने देव आनंद जैसे दिग्गज अभिनेता के साथ साल 1991 की फिल्म ‘कहां है कानून’ में भी काम किया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘भाबीजी घर पर हैं’ में अपने लंबे समय से चल रहे रोल के लिए आसिफ शेख को प्रति एपिसोड 75,000 से 80,000 रुपये तक मिलते हैं, जो उनकी कमाई का बड़ा हिस्सा है।
साल 2025 में उन्हें वर्ल्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल किया गया, क्योंकि उन्होंने इस शो में 350 से ज्यादा अलग-अलग किरदार निभाए हैं, जिनमें 35 से अधिक महिला भूमिकाएं भी शामिल हैं। ये किरदार युवा महिलाओं से लेकर बुज़ुर्ग महिलाओं तक के रहे हैं।
खास है सलमान खान से आसिफ शेख का रिश्ता
हाल ही में आसिफ शेख और सलमान खान की पुरानी दोस्ती भी सुर्खियों में आई। यह रिश्ता लगभग चार दशक पुराना है। इसकी शुरुआत 1980 के दशक के अंत में हुई थी, जब दोनों ही हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे।
सलमान खान को डेब्यू के तुरंत बाद ही बड़ी सफलता मिल गई, खासकर ‘मैंने प्यार किया’ के बाद। वहीं, आसिफ शेख का सफर थोड़ा धीमा और उतार-चढ़ाव भरा रहा। इसके बावजूद दोनों की दोस्ती हमेशा बनी रही।
आसिफ शेख ने कई इंटरव्यू में, जिनका ज़िक्र इंडिया टुडे में भी हुआ है, बताया कि मुश्किल समय में सलमान खान ने उनकी मदद की। जब उन्हें काम नहीं मिल रहा था, तब सलमान ने उन्हें सपोर्ट किया और कुछ फिल्मों के लिए उनके नाम की सिफारिश भी की।
दोनों ने साथ में कई फिल्मों में काम किया है, जिनमें करण अर्जुन, औज़ार, प्यार किया तो डरना क्या, बंधन, भारत और किसी का भाई किसी की जान शामिल हैं। इन फिल्मों में आसिफ शेख ज़्यादातर सहायक भूमिकाओं में नज़र आए। आज भी जब दोनों मिलते हैं तो उनका रिश्ता पहले जैसा ही गर्मजोशी भरा रहता है, हालांकि व्यस्त शेड्यूल के कारण अब उनकी मुलाकातें कम हो जाती हैं।