Ajit Pawar Political Journey: शून्य से डिप्टी सीएम तक का सफर, जानें उनके संघर्ष की कहानी

Ajit Pawar Political Journey: अजित पवार की छवि एक बेबाक और बिना किसी लाग लपेट के अपनी बात रखने वाले नेता के रूप में थी। उनका राजनीतिक सफर उनके चाचा और दिग्गज नेता शरद पवार की छत्रछाया में शुरू हुआ। आइए उनके पॉलिटिकल करियर के बारे में विस्तार जानते हैं। 

Shivam Shukla
अपडेटेड28 Jan 2026, 12:41 PM IST
Ajit Pawar Political Journey
Ajit Pawar Political Journey

Ajit Pawar Political Journey: महाराष्ट्र की राजनीति से एक बड़ा स्तंभ ढह गया है। आज सुबह महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की एक विमान दुर्घटना में मौत हो गई। इस चार्टर्ड विमान हादसे में अन्य सवार लोगों की भी मौत हो गई है। इस खबरे से देश के राजनीतिक गलियारे में दुख का महौल है। सभी दिग्गज नेता उनके सफर को याद करके श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। राज्य के उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के अध्यक्ष अजित पवार को लोग प्यार से दादा कहा करते थे।

यहां से शुरू हुआ अजीत पवार का राजनीतिक सफर

अजित पवार की छवि एक बेबाक और बिना किसी लाग लपेट के अपनी बात रखने वाले नेता के रूप में थी। उनका राजनीतिक सफर उनके चाचा और दिग्गज नेता शरद पवार की छत्रछाया में शुरू हुआ, लेकिन बहुत जल्द उन्होंने अपनी एक स्वतंत्र पहचान बना ली। साल 1991 से लगातार सात बार बारामती विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करना उनकी लोकप्रियता और जमीनी पकड़ का सबसे बड़ा सबूत था।

सरकारी क्षेत्र ने बनाया निर्विवाद नेता

उनकी मुख्य ताकत महाराष्ट्र के सरकारी क्षेत्र को माना जाता था। दरअसल, पुणे जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के अध्यक्ष के रूप में 16 सालों तक उन्होंने जो काम किया। इसी ने उन्हें पश्चिमी महाराष्ट्र की चीनी मिलों और दूध संघों का निर्विवाद नेता बनाया। अजित पवार किसी को काम को फाइलों में अटकाने के बजाय तुरंत एक्शन में विश्वास रखते थे, इसलिए इन्हें एक्शन मैन भी कहा जाता था।

अजीत पवार के इस फैसले ने सभी चौंका दिया था

महाराष्ट्र के दिवंगत डिप्टी सीएम अजीत पवार का व्यक्तित्व हमेशा चुनौतियों और साहसिक फैसलों से भरा रहा। उनके पॉलिटिकल करियर हमेशा सुर्खियों में रहा है। उन्होंने नवंबर 2019 में देवेंद्र फंडणवीस के साथ डिप्टी सीएम पद की शपथ लेकर सभी को चौंका दिया था। हालांकि, वह 80 घंटों में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उनके इस फैसले ने एक बार फिर साफ कर दिया कि वे किसी फैसले के लिए किसी की अनुमति का इंतजार नहीं करते थे।

यह भी पढ़ें | बारामती विमान दुर्घटना में अजित पवार का निधन, जानिए दिवंगत नेता की नेट वर्थ

सियासी बगावत

इसके बाद साल 2023 में उन्होंने एक बार फिर अपनी सियासत की बिसात बिछाई और NCP में एक टूट को अंजाम दिया। उन्होंने अपने चाचा शरद पवार से अलग होकर उन्होंने भाजपा-शिवसेना (शिंदे गुट) की महायुति सरकार का हाथ थामा। यह उनके जीवन का सबसे बड़ा और कड़ा फैसला था, जिसने परिवार और पार्टी दोनों को दो धड़ों में बांट दिया। चुनाव आयोग ने अंततः उनके गुट को ही असली NCP माना और पार्टी का नाम व सिंबल उन्हें सौंप दिया। उनके इस आक्रामक रुख ने महाराष्ट्र की राजनीति की तासीर बदल दी थी।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सAjit Pawar Political Journey: शून्य से डिप्टी सीएम तक का सफर, जानें उनके संघर्ष की कहानी
More
बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सAjit Pawar Political Journey: शून्य से डिप्टी सीएम तक का सफर, जानें उनके संघर्ष की कहानी