कौन से धर्म के लोग दूसरे धर्म की प्रथाओं का करते हैं प्रचार? नमाज वीडियो पर सफाई देकर भी घिरीं नमिता थापर

Namita Thapar Namaz Video : शार्क टैंक इंडिया की जज नमिता थापर ने नमाज के फायदों पर अपनी रील के लिए उठ रहे सवालों पर चुप्पी तोड़ी है। उन्होंने सवाल उठाने वालों को जवाब देते हुए कहा कि वह योग और सूर्य नमस्कार के फायदे भी बताती हैं।

Naveen Kumar Pandey
अपडेटेड20 Apr 2026, 02:05 PM IST
नमिता थापर की सफाई पर भी उठने लगे सवाल
नमिता थापर की सफाई पर भी उठने लगे सवाल

Namita Thapar News : एमक्योर फार्मास्यूटिकल्स की कार्यकारी निदेशक और शार्क टैंक इंडिया का एक प्रमुख चेहरा नमिता थापर ने 'सनातन पर गरम और इस्लाम पर नरम रहने' के आरोपों पर सफाई दी है। उन्होंने 'नमाज के फायदे' बताने वाले अपने वीडियो पर सवाल उठाने वालों को ट्रोल बताते हुए दावा किया कि वह योग के फायदों पर भी रील बना चुकी हैं। उन्होंने सवाल उठाने को महिला का अपमान बताते हुए कहा कि ईश्वर सब देख रहा है। इस पर एक एक्स यूजर ने पूछ डाला कि आखिर किस धर्म के लोग दूसरे धर्म की धार्मिक प्रथाओं का प्रचार करते हैं?

नमिता की सफाई पर भी उठने लगे सवाल

नमिता ने कहा कि नमाज पर रील बनाने के लिए उनकी मां तक को भला-बुरा कहा गया है। नमिता ने ये सभी बातें एक वीडियो बनाकर पोस्ट में कही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर यह 1 मिनट 17 सेकंड का यह वीडियो पोस्ट किया है जिस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। ज्यादातर लोग कह रहे हैं कि नमिता ने इस वीडियो के जरिए विक्टिम कार्ड खेलने की कोशिश की है।

नमिता ने कहा, ट्रोलिंग की लग चुकी है आदत

नमिता थापर ने वीडियो पोस्ट के साथ लिखा, 'मैं सुबह 6:30 बजे मुंबई के लिए निकल गई। एक मेहनती प्रोफेशनल की तरह, जैसा कि मैं हूं और सुबह 7 बजे मैंने गाड़ी रोककर यह रील बनाई। ऐसा इसलिए, क्योंकि मुझे काफी पहले ही यह एहसास हो गया था कि चुप रहना कोई अच्छी बात नहीं है; जब भी किसी का अपमान हो, तो उसे अपनी आवाज जरूर उठानी चाहिए।'

उन्होंने आगे कहा, 'हां, अगर किसी भी वर्कप्लेस पर ऐसी गलत चीजें होती हैं जो बुनियादी मानवाधिकारों के खिलाफ हैं, तो मुझे और हम सभी को उनके खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। मुझे अपनी पर्सनल ट्रोलिंग की कोई परवाह नहीं है; 'शार्क टैंक' के बाद से, पिछले 5 सालों में मुझे इसकी आदत हो चुकी है। लेकिन इस रील का मकसद इस देश के सभी गर्वित भारतीयों से यह गुजारिश करना है कि जब भी वे कुछ गलत होते देखें, तो इंसानियत के नाते और देशभक्ति की भावना से प्रेरित होकर उसके खिलाफ आवाज उठाएं। जय हिंद। अब काम पर एक और खुशनुमा और चुनौतियों से भरे दिन के लिए रवाना!'

एक्स यूजर बोले- काम नहीं आएगा विक्टिम कार्ड

एक्स यूजर @ankitatIIMA ने लिखा, 'आपका 'विक्टिम कार्ड' यहां काम नहीं करेगा। अपना धंधा सीरिया और अफगानिस्तान में चलाइए। और उस लेंसकार्ट वाले बेकार आदमी (पीयूष बंसल) को भी अपने साथ ले जाइए। भारत में आतंकवादियों के हमदर्दों के लिए कोई जगह नहीं है।'

लोगों ने पूछा, सवाल करना ट्रोलिंग कैसे?

ऋषि बागड़ी ने कहा, 'नमस्ते नमिता, धर्म के मामले में आपके बिल्कुल स्पष्ट दोहरे मापदंडों पर सवाल उठाने मात्र से लोगों को 'ट्रोल' कहना बंद कर दीजिए। आप कुछ खास मान्यताओं को बढ़ावा देने में तो बहुत तेज हैं, लेकिन हिंदू धर्म और हिंदू संतों की बुराई करने में आपको कोई दिक्कत नहीं होती। जवाबदेही मांगना ट्रोलिंग नहीं है।'

कल्पना श्रीवास्तव भी कहती हैं कि प्रश्न पूछना, ट्रोलिंग नहीं है।

नमिता पर दोहरा रवैया रखने का आरोप

एक्स यूजर @advsanjjiiv

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ने नमिता के दो वीडियोज पोस्ट करते हुए लिखा, 'संस्कार का उपदेश देने से लेकर 'विक्टिम कार्ड' खेलने तक, यह दोहरा रवैया साफ नजर आता है। जिस धर्म की बात हो, उसके हिसाब से यह ज्ञान क्यों बदल जाता है? यह पाखंड की पराकाष्ठा है।'

एक्स यूजर का आरोप- पाखंडी हैं नमिता थापर

एक अन्य एक्स यूजर @GalDeepa ने भी यही वीडियो पोस्ट करते हुए लिखा, 'हिंदू महिलाओं पूजा करें तो खराब है, लेकिन नमाज से सेहत सुधरती है। यह कुछ ज्यादा ही पाखंड नहीं है?'

नमिता से दो कड़े प्रश्न

प्रणव तिवारी ने दो प्रश्न और उठा दिए। उन्होंने नमिता थापर से पूछा कि आखिर महिला, किसी पुरुष से ज्यादा सम्मान की अधिकारी कैसे होती हैं? उन्होंने ये भी पूछा कि कौन से धर्म के लोग दूसरे धर्म की प्रथाओं का प्रचार करते हैं? प्रणव ने लिखा, 'मैं गाली-गलौज वाली भाषा का समर्थक नहीं हूं, लेकिन ऐसा लगता है कि 'शार्क टैंक' में मौजूद हर सनातनी इस्लाम की तारीफों के पुल बांध रहा है (Lenskart का ड्रेस कोड तो बेहद ही घटिया है)!'

वो पूछते हैं, 'क्या कोई और धर्म भी 'सूर्य नमस्कार' के स्वास्थ्य लाभों की वकालत करता है? महिलाओं के लिए ही 'विशेष' सम्मान की बात क्यों? लैंगिक समानता का आंदोलन कहां गया? महिलाओं में ऐसी कोई भी 'विशेष' बात नहीं है जिसके चलते वे पुरुषों से ज्यादा सम्मान की हकदार हों, और सनातन धर्म के अलावा किसी भी अन्य धर्म में ऐसा कुछ भी नहीं है कि कोई व्यक्ति दूसरे धर्म की प्रार्थना-मुद्राओं के स्वास्थ्य लाभों का प्रचार करने लगे! हो सकता है कि आपका वीडियो तो वायरल हो जाए, लेकिन आपकी यह बकवास आपको लोगों की कोई खास सहानुभूति नहीं दिला पाएगी, यह तो तय है!'

तंज भरे लहजे से नमिता को दी सलाह

एक्स यूजर @labstamil ने बड़े तंज भरे लहजे में अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा, 'दरअसल नमिता महोदया, तमिल फिल्म अन्नपूर्णी ने वैज्ञानिक रूप से यह सिद्ध किया है कि ब्राह्मण रसोइया नमाज पढ़कर बिरयानी बनाता है तो उसका स्वाद बढ़ जाता है। आपको अपने अगले वीडियो में इस लाभ को शामिल करना चाहिए।'

वह आगे कहते हैं, 'कृपया नफरत भरी टिप्पणियों को नजरअंदाज करें महोदया। क्या आपने अप्रत्यक्ष रूप से धर्म के आधार पर हत्या करने वाले आतंकवादियों और पहलगाम घूमने गए पर्यटकों को 'एक समान' नहीं बताया?'

नमिता ने सफाई वाले वीडियो में क्या कहा?

नमिता थापर वीडियो में इस बात की शिकायत कर रही हैं कि उनके लिए अपशब्द कहा जा रहा है। उन्होंने कहा, 'पिछले तीन हफ्ते से मुझे लोग *** बुला रहे हैं। नॉन स्टॉप और मेरी डार्लिंग मॉम को भी गंदे-गंदे नाम दे रहे हैं। किसलिए? नमाज से सेहत के फायदे पर एक रील बनाने के लिए? मैं एक हेल्थकेयर प्रफेशनल हूं। मैंने इतने सारे हिंदू रिलीजंस पे रील्स बनाई है। उनके हेल्थ बेनिफिट्स पे। हर योगा डे पे आसनाज स्पेशली सूर्य नमस्कार के रील्स बनाती हूं। तब तो किसी ने कुछ नहीं बोला।'

फिर वो कहती हैं कि वो धर्म के साथ सम्मान करना भी सीखी हैं। नमिता ने कहा, 'मुझे सिखाया गया है कि आर से रिलिजन (मजहब) तो आर से रिस्पेक्ट (सम्मान) भी होता है। क्या आप इसी तरह से सम्मान देते हैं, खासकर महिलाओं को? महिला आरक्षण विधेयक पास नहीं हुआ तो सब बोलते हैं, लेकिन जब दो महिलाओं का अपमान होता है तो चुप्पी क्यों?'

नमिता ने लोगों से अपने इस वीडियो को वायरल करने की अपील की। उन्होंने कहा, 'मैं बहुत पहले जान चुकी थी कि आपके लिए कोई नहीं बोलेगा। आपको अपने लिए खुद ही बोलना पड़ता है। इसलिए मेरे सभी ट्रोलर्स, आप लगे रहिए, लेकिन ध्यान रखिए कि हिंदू धर्म में कर्म की अवधारण है। इसलिए आप अपने कर्मों का ख्याल रखिएगा। निगेटिव रील्स मेरी बहुत वायरल हो गई, अब ये वाली वायरल करके दिखाइए।'

लेंसकार्ट से उठा मामला, नमिता थापर तक पहुंचा

ध्यान रहे कि चश्मा बनाने वाली कंपनी लेंसकार्ट की ग्रूमिंग गाइडलाइंस में सिंदूर, बिंदी और कलावा पर रोक जबकि हिजाब की अनुमति होने का मुद्दा जोर-शोर से उठाया गया है। लोग लेंसकार्ट के संस्थापक पीयूष बंसल पर धर्म के आधार पर भेदभाव करने का आरोप लगा रहे हैं। इसी चर्चा में नमिता थापर का नमाज वाला वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। लोगों का कहना है कि नमिता थापर इस्लाम की प्रथा का तो प्रचार करती हैं, लेकिन हिंदू परंपराओं का मजाक उड़ाती हैं। नमिता ने इन्हीं आरोपों पर आज अपना पक्ष रखा, जिस पर और भी सवाल उठा जाने लगे।

एमक्योर और लेंसकार्ट, दोनों के शेयर टूटे

सोमवार, 20 अप्रैल, 2026 को दोपहर 2 बजे एमक्योर के शेयर बीएसई पर 2.91% जबकि एनएसई पर 2.73 % टूटकर क्रमशः 1621.65 रुपये और 1,625.60 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे। वहीं, लेंसकार्ट के शेयर बीएसई पर 2.72 पर्सेंट और एनएसई पर 2.62 पर्सेंट की गिरावट के साथ क्रमशः 520.30 रुपये और 521.35 रुपये पर ट्रेड कर रहे थे।

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