Amla Navami 2025: आंवला नवमी कब है और क्यों मनाई जाती है? जानें महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त

Amla Navami 2025: आंवला नवमी या अक्षय नवमी 31 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी। इस दिन भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष की पूजा का खास महत्व है। मान्यता है कि इस दिन व्रत-पूजा, आंवले का सेवन और दान करने से अक्षय पुण्य, सुख-समृद्धि, दांपत्य सुख और आरोग्य की प्राप्ति होती है।

Priya Shandilya
पब्लिश्ड30 Oct 2025, 12:52 PM IST
आंवला नवमी 2025: इस बार कब है पूजा और शुभ मुहूर्त?
आंवला नवमी 2025: इस बार कब है पूजा और शुभ मुहूर्त?

Amla Navami 2025: कार्तिक महीने के पवित्र महीने में आंवला नवमी का अपना ही अलग महत्व है। इसे अक्षय नवमी भी कहा जाता है। माना जाता है कि इस दिन भगवान विष्णु आंवले के वृक्ष में वास करते हैं और उसकी पूजा करने से इंसान को अक्षय पुण्य यानी कभी न खत्म होने वाला फल मिलता है। घर-परिवार में सुख-समृद्धि और स्वास्थ्य की भी प्राप्ति होती है।

आंवला नवमी 2025 की तारीख (Amla Navami 2025 Kab Hai?)|

पंचांग के अनुसार कार्तिक शुक्ल नवमी तिथि

शुरू होगी: 30 अक्टूबर 2025, सुबह 10:06 बजे

समाप्त होगी: 31 अक्टूबर 2025, सुबह 10:03 बजे

शास्त्रों में उदया तिथि मान्य होती है, इसलिए इस साल आंवला नवमी 31 अक्टूबर 2025 (शुक्रवार) को मनाई जाएगी।

पूजा का शुभ मुहूर्त (Amla Navami Puja Shubh Muhurat)

31 अक्टूबर 2025, शुक्रवार

पूजा मुहूर्त: सुबह 06:37 बजे से 10:04 बजे तक

कुल समय: लगभग 3 घंटे 25 मिनट

इस दौरान आंवले के पेड़ की पूजा, दीपदान, भजन-कीर्तन और दान का विशेष महत्व है।

क्यों मनाई जाती है आंवला नवमी

आंवला नवमी, भगवान विष्णु और आंवले के वृक्ष को समर्पित पर्व है। मान्यता है कि इस दिन पूजा-व्रत करने और दान देने से जीवन में सौभाग्य, सुख-समृद्धि और सेहत मिलती है।

कहा जाता है कि आंवला वृक्ष के नीचे बैठकर भोजन करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है और आंवले का सेवन अमृत के समान माना जाता है। यह दिन दांपत्य सुख, संतान-सुख और लंबी उम्र के लिए भी शुभ माना जाता है।

इस दिन को इच्छा नवमी, आरोग्य नवमी, धातृ नवमी, कूष्मांड नवमी जैसे नामों से भी जाना जाता है। उत्तर भारत में कहीं-कहीं इसे आंवला पर्व या आंवला एकादशी भी कहा जाता है।

आंवला नवमी सिर्फ पूजा का दिन नहीं, बल्कि प्रकृति और भक्ति का मेल है। आंवला पेड़ को ईश्वर का रूप मानकर उसकी पूजा करना, उसके नीचे बैठना और उसका सेवन करना, सब कुछ शुभ माना जाता है। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई भक्ति इंसान का भाग्य चमका देती है।

डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथों, पंचांगों और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य सिर्फ आपको जागरूक करना है, मिंट हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है। कृपया कोई निर्णय लेने से पहले अपनी श्रद्धा और विवेक से काम लें।

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सAmla Navami 2025: आंवला नवमी कब है और क्यों मनाई जाती है? जानें महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त
More
बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सAmla Navami 2025: आंवला नवमी कब है और क्यों मनाई जाती है? जानें महत्व और पूजा का शुभ मुहूर्त
OPEN IN APP