आज के दौर में हर युवा रातों-रात यूनिकॉर्न बनाने या ग्लोबल लीडर बनने का सपना देख रहा है। उन्हीं युवाओं के लिए वेदांता ग्रुप (Vedanta Group) के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कामयाबी का एक बेहद साधारण लेकिन असरदार मंत्र साझा किया है। अनिल अग्रवाल का कहना है कि अगर उन्हें आज फिर से 20 साल की उम्र में लौटने का मौका मिले, तो वह किसी ग्रैंड स्ट्रेटजी के बजाय छोटे-छोटे कामों पर अपना पूरा ध्यान लगाएंगे।
बॉम्बे की सड़कें ही मेरा कॉलेज
अपनी शुरुआती यात्रा को याद करते हुए अनिल अग्रवाल बताते हैं कि उनकी सफलता की नींव किसी बड़े बिजनेस स्कूल में नहीं, बल्कि मुंबई की सड़कों पर रखी गई थी। उन्होंने कहा, 'मैंने बहुत कम से शुरुआत की थी। मेरे लिए बॉम्बे की सड़कें ही कॉलेज थीं।' वे याद करते हैं कि कैसे वे अखबारों में मेटल की कीमतों को बारीकी से देखते थे, दूसरों को डील करते हुए सिर्फ ऑब्जर्व करते थे और जहां भी गुंजाइश दिखती थी, बेझिझक सवाल पूछते थे। उनके मुताबिक, सीखने की इसी ललक और छोटी-छोटी जानकारियों को इकट्ठा करने की आदत ने उन्हें वह विजन दिया, जो आज वेदांता के रूप में सबके सामने है।
छोटे काम ही खोलते हैं बड़े दरवाजे
अक्सर लोग बड़ी सफलता के चक्कर में रोजमर्रा के अनुशासन को नजरअंदाज कर देते हैं। अनिल अग्रवाल इसे सबसे बड़ी गलती मानते हैं। उनके लिए सफलता का सीक्रेट इन छोटे कामों में छिपा है,जो पंचुअलिटी, तैयारी,कमिटमेंट और बारीकी हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा, 'शुरुआती दिनों में कोई बोल्ड मूव्स या बड़ी स्ट्रेटजी नहीं थी। बस वो काम थे जिन्हें ज्यादातर लोग छोटा समझते थे। लेकिन यही छोटी आदतें आगे चलकर वेदांता की नींव बनीं।'
मार्च में पूरा हो जाएगा वेदांता डीमर्जर
बता दें कि अनिल अग्रवाल की यह छोटी शुरुआत वाली फिलॉसफी आज भी उनके बिजनेस फैसलों में झलकती है। मौजूदा समय में वेदांता ग्रुप एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। कंपनी ने अपने बड़े कारोबार को पांच स्वतंत्र लिस्टेड संस्थाओं में बांटने की योजना को अंतिम रूप दे दिया है। इसे मार्च 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अग्रवाल का मानना है कि इस कदम से एल्युमीनियम, ऑयल एंड गैस और पावर जैसे हर सेक्टर को अपनी अलग पहचान और ग्रोथ का मौका मिलेगा।
सेमीकंडक्टर सेक्टर में वेदांता का कदम
इसके अलावा, वेदांता ग्रुप माइनिंग सेक्टर से आगे बढ़कर सेमीकंडक्टर और डिस्प्ले ग्लास के सेक्टर में भी अपना पैर पसार रहा है। हाल ही में उन्होंने केंद्रीय बजट 2026 की सराहना करते हुए कहा था कि सरकार का फोकस क्रिटिकल मिनरल्स और मैन्युफैक्चरिंग पर है, जो युवाओं के लिए रोजगार के नए दरवाजे खोलेगा। वेदांता ने राजस्थान में भारी निवेश और सेमीकंडक्टर प्रोजेक्ट के लिए पार्टनर्स के साथ बातचीत भी तेज कर दी है।