अंजीर (Figs) एक लोकप्रिय फल है, जो अपने स्वाद, अधिक फाइबर और पोषक तत्वों के लिए जाना जाता है। लेकिन बहुत से लोगों को यह जानकर हैरानी हो सकती है कि कुछ मान्यताओं के अनुसार अंजीर को पूरी तरह शाकाहारी नहीं माना जाता। इस बात को एक्ट्रेस और कंटेंट क्रिएटर शहनाज ट्रेजरी ने उजागर किया है। इसके पीछे एक रोचक जैविक प्रक्रिया है, जिसमें अंजीर ततैया (Fig Wasp) की भूमिका होती है।
वहीं, इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए कंसल्टेंट डाइटिशियन और सर्टिफाइड डायबिटीज एजुकेटर कनिका मल्होत्रा अंजीर के परागण की प्रक्रिया, ततैयों का फल पर असर और शाकाहारी लोगों को अंजीर कैसे खाना चाहिए पर विस्तार से जानकारी दी। कनिका मल्होत्रा बताती हैं कि अंजीर का परागण एक खास प्रक्रिया है, जिसमें अंजीर ततैया की अहम भूमिका होती है।
मादा अंजीर ततैया एक छोटे से छेद, जिसे ओस्टियोल कहा जाता है, के जरिए अंजीर के अंदर जाती है। वह अपने साथ पिछले अंजीर से लाया हुआ पराग (pollen) लेकर आती है। अंदर जाकर वह फूलों का परागण करती है और कुछ फूलों में अंडे भी देती है।
अंजीर, ततैया के लार्वा के लिए एक सुरक्षित जगह बन जाता है, जहां वे बीजों के अंदर विकसित होते हैं। नर ततैया पहले बाहर आते हैं, मादा से मिलन करते हैं और फिर अंजीर के अंदर ही मर जाते हैं। निषेचित मादा ततैया पराग लेकर बाहर निकलती है और नए अंजीर की तलाश में चली जाती है। इस तरह अंजीर और ततैया एक-दूसरे पर निर्भर रहते हैं।
जब सख्त शाकाहारी आहार की बात आती है, तो इस प्रक्रिया को लेकर कुछ लोगों को चिंता हो सकती है। कनिका मल्होत्रा मानती हैं कि यह सच है कि कुछ अंजीर के परागण के लिए अंजीर ततैया पर निर्भर होते हैं और परागण के बाद कई बार ततैया फल के अंदर ही मर जाती है। इसी कारण कुछ लोग अंजीर को सख्त शाकाहारी आहार में शामिल करने को लेकर असमंजस में रहते हैं।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)