
Artificial Rain in Delhi: दिल्ली में करीब 53 साल के अंतराल के बाद एक बार फिर कृत्रिम वर्षा का प्रयोग किया गया। भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान, पुणे के जलवायु वैज्ञानिक रॉक्सी मैथ्यू कोल ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि दिल्ली में कृत्रिम वर्षा का पहला परीक्षण 1957 के मानसून के दौरान किया गया था जबकि दूसरा प्रयास 1970 के दशक की शुरुआत की सर्दियों में किया गया था।
पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि दिल्ली सरकार ने मंगलवार को आईआईटी-कानपुर के सहयोग से राष्ट्रीय राजधानी के कुछ हिस्सों में कृत्रिम वर्षा कराने के लिए मंगलवार को परीक्षण किया जो इस तरह का तीसरा प्रयोग था तथा अगले कुछ दिनों में और परीक्षणों की योजना बनाई गई है।
अधिकारियों ने बताया कि कृत्रिम बारिश की खातिर रसायनों का छिड़काव करने के लिए विमान ने कानपुर से दिल्ली के लिए उड़ान भरी और मेरठ की हवाई पट्टी पर उतरने से पहले बुराड़ी, उत्तरी करोल बाग और मयूर विहार जैसे क्षेत्रों में रसायनों का छिड़काव किया।
सिरसा ने एक वीडियो बयान में कहा कि सेसना विमान ने कानपुर से उड़ान भरी। इसने आठ झोंकों में रसायनों का छिड़काव किया और परीक्षण आधे घंटे तक चला। राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए कृत्रिम वर्षा कराने के उद्देश्य से किया गया यह परीक्षण, सर्दियों के महीनों के दौरान बिगड़ती वायु गुणवत्ता में सुधार की दिल्ली सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
प्रत्येक झोंके में छिड़काव किये गए रसायन का वजन दो से 2.5 किलोग्राम था और परीक्षण आधे घंटे तक चला। रसायन का छिड़काव करने का प्रत्येक झोंका दो से ढाई मिनट का था। बादलों में 15 से 20 प्रतिशत आर्द्रता थी। ये परीक्षण सर्दियों के महीनों के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में बिगड़ती वायु गुणवत्ता को कम करने के लिए दिल्ली सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।
| क्षेत्र | PM 2.5 (पहले → बाद में) | कमी (μg/m³) | PM 10 (पहले → बाद में) | कमी (μg/m³) |
|---|---|---|---|---|
| मयूर विहार | 221 → 207 | 14 | 207 → 177 | 30 |
| करोल बाग | 230 → 206 | 24 | 206 → 163 | 43 |
| बुराड़ी | 229 → 203 | 26 | 209 → 177 | 32 |
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