Asha Bhosle Cause of Death: सुरों की मल्लिका आशा भोसले आज इस दुनिया को हमेशा के लिए अलविदा कहकर चली गई हैं। 92 वर्ष की उम्र में उन्होंने मुंबई के कैंडी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उन्हें कल रात ही इमरजेंसी में एडमिट करवाया गया था और आज उन्होंने अंतिम सांस ली। आइए जानते हैं कि दिग्गज गायिका आशा भोसले के निधन की वजह क्या है।
किस वजह से हुआ आशा भोसले का निधन?
अपनी मधुर आवाज से कई पीढ़ियों को मोहित करने वाली आशा भोसले के निधन के बारे में बात करते हुए कैंडी अस्पताल के डॉ. प्रतीत समदानी ने बताया कि मल्टी-ऑर्गन फेलियर के कारण आशा भोसले का निधन हो गया। उन्होंने आगे कहा कि कार्डियक अरेस्ट आने के बाद उन्हें तुरंत अस्पताल लाया गया। यहां उनका इमरजेंसी में इलाज भी किया गया, लेकिन उनके कई अंगों ने अचानक काम करना बंद कर दिया। इस वजह से हम उन्हें बचा नहीं पाए।
कब होगा उनका अंतिम संस्कार?
आशा भोसले ने अपनी बहन तथा महान गायिका लता मंगेशकर की छाया में रहकर अपनी अलग पहचान बनाई थी। उनके परिवार की बात करें, तो आशा भोसले का विवाह 16 वर्ष की आयु में 1949 में गणपतराव भोसले से हुआ था और बाद में उन्होंने अपने सहयोगी एवं संगीतकार आर डी बर्मन से विवाह किया। उनके परिवार में बेटे आनंद और पोते-पोतियां हैं। उनके बेटे आनंद ने बताया कि अंतिम संस्कार सोमवार को किया जाएगा।आशा भोसले के बेटे आनंद ने बताया कि लोग कल सुबह 11 बजे लोअर परेल स्थित कासा ग्रांडे में उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि दे सकते हैं, जहां वह रहती थीं। उनका अंतिम संस्कार कल शाम चार बजे शिवाजी पार्क में किया जाएगा।
10 साल उम्र में गाया था आशा ताई ने पहला गाना
आशा भोसले ने आठ दशकों से अधिक लंबे करियर में आशा ने अविश्वसनीय रूप से 12,000 गाने रिकॉर्ड किए। उनका पहला गाना 1943 में 10 वर्ष की आयु में मराठी फिल्म ''माझा बल'' के लिए था। उन्होंने 2010 के दशक के अंत तक और उसके बाद भी गायन जारी रखा, जिससे वह वैश्विक संगीत इतिहास में सबसे लंबे समय तक गायन करने वाली गायिका बन गईं।
आज भी पसंद करते हैं लोग उनके गाने
आशा भोसले के लोकप्रिय गीतों में 'अभी न जाओ छोड़ कर', 'इन आंखों की मस्ती', 'दिल चीज क्या है', 'पिया तू अब तो आजा', 'दुनिया में लोगों को' और 'जरा सा झूम लूं मैं' जैसे गाने शामिल हैं। उन्होंने पद्मिनी एवं वैजयंतीमाला जैसी दक्षिण भारतीय अभिनेत्रियों से लेकर मीना कुमारी, मधुबाला, जीनत अमान, काजोल और उर्मिला मातोंडकर सहित कई प्रमुख अभिनेत्रियों को अपनी आवाज दी।
आठ सितंबर 1935 को महाराष्ट्र के सांगली में जन्मीं आशा भोसले को अपनी बहन की तरह ही उनके पिता दीनानाथ मंगेशकर ने संगीत की शिक्षा दी थी। उन्हें कई पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। दादासाहेब फाल्के पुरस्कार, पद्म विभूषण, राष्ट्रीय पुरस्कार सहित कई अन्य संगीत सम्मानों से नवाजा गया।