Ashwagandha benefits: आज की तेज रफ्तार जिंदगी में लोग फिर से प्राकृतिक और पारंपरिक इलाज की ओर लौटते दिख रहे हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एक बड़े मंच से भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों की ताकत को दुनिया के सामने रखा।
WHO समिट में पारंपरिक चिकित्सा पर जोर
शुक्रवार को पीएम मोदी ने WHO के पारंपरिक चिकित्सा पर वैश्विक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि अगर रिसर्च को मजबूत किया जाए, डिजिटल तकनीक का सही इस्तेमाल हो और भरोसेमंद रेगुलेटरी ढांचा तैयार किया जाए, तो पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक स्तर पर और आगे ले जाया जा सकता है।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में अश्वगंधा का जिक्र करते हुए बताया कि सदियों से इसका इस्तेमाल भारतीय पारंपरिक चिकित्सा में होता रहा है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान अश्वगंधा की वैश्विक मांग तेजी से बढ़ी और कई देशों ने इसे अपनाया। भारत अब शोध और साक्ष्य-आधारित सत्यापन के जरिए इसे दुनिया तक पहुंचा रहा है। चलिए जानें आखिर अश्वगंधा के फायदे क्या हैं।
हेल्थशॉट्स से बातचीत में मुंबई के अपोलो स्पेक्ट्रा अस्पताल की डाइटीशियन फौजिया अंसारी बताती हैं कि अश्वगंधा शरीर पर कई तरह से असर करता है।
तनाव कम करने और नींद में मदद
अश्वगंधा रोजमर्रा के तनाव को संभालने में मदद कर सकता है। इसका नियमित सेवन करने वाले कई लोगों को मानसिक शांति और बेहतर नींद का अनुभव होता है, जो आज के तनावभरे माहौल में बड़ी राहत है।
इम्युनिटी और एनर्जी सपोर्ट
यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को सपोर्ट कर सकता है और लगातार बनी रहने वाली थकान को कम करने में मददगार माना जाता है। व्यस्त दिनचर्या में यह एनर्जी बनाए रखने में सहायक हो सकता है।
फिटनेस, ताकत और रिकवरी में सहायक
जो लोग एक्सरसाइज या वर्कआउट करते हैं, उनके बीच अश्वगंधा काफी लोकप्रिय है। रिसर्च के मुताबिक, सही खान-पान और ट्रेनिंग के साथ इसका सेवन मांसपेशियों की ताकत, स्टैमिना बढ़ाने और वर्कआउट के बाद जल्दी रिकवरी में मदद कर सकता है।
अश्वगंधा में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं। यह शरीर में सूजन को कम करता है और आर्थराइटिस या पेट से जुड़ी सूजन वाली बीमारियों में राहत देता है। यानी जोड़ों का दर्द या लगातार सूजन जैसी समस्याओं में यह असरदार हो सकता है।
हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मददगार
यह शरीर में हार्मोन लेवल को संतुलित करता है, खासकर कॉर्टिसोल (stress hormone) और थायरॉयड हार्मोन। इससे शरीर का हार्मोनल बैलेंस ठीक रहता है और कई तरह की समस्याओं से बचाव होता है।
WHO के मंच से अश्वगंधा का जिक्र इस बात का संकेत है कि भारत की पारंपरिक चिकित्सा अब सिर्फ घरेलू नुस्खा नहीं, बल्कि ग्लोबल हेल्थ सॉल्यूशन बन रही है। हालांकि, किसी भी सप्लीमेंट को अपनाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।