खुद कंप्यूटर चलाने से लेकर सॉफ्टवेयर बनाने तक, क्या-क्या कर सकता है जीपीटी एस्ट्रा, देखिए पूरी लिस्ट

GTP-6 Astra Capabilities: ओपेनएआई की नए मॉडल एस्ट्रा फेज वाइज रॉलआउट हो रहा है। यह मॉडल क्या-क्या कर सकता है, इसकी लिस्ट देख लीजिए।

Naveen Kumar Pandey
पब्लिश्ड4 Sep 2026, 12:48 PM IST
क्या-क्या कर सकता है जीपीटी एस्ट्रा, पूरी लिस्ट देखें
क्या-क्या कर सकता है जीपीटी एस्ट्रा, पूरी लिस्ट देखें (OpenAi Website)

नई दिल्ली: ओपनएआई ने अपने अब तक के सबसे सक्षम मॉडल जीपीटी-6 एस्ट्रा को लॉन्च कर दिया है। इस मॉडल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह केवल सवालों के जवाब देने के बजाय कई चरणों वाले वास्तविक काम को खुद ही निपटा लेता है।

ओपनएआई के अनुसार, यह कंप्यूटर यूज, ब्राउजिंग, सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग, साइबर सिक्यॉरिटी, साइंस और प्रफेशनल वर्क में अग्रणी भूमिका निभाता है। आइए जानते हैं कि जीपीटी-6 एस्ट्रा ऑटोमेशन के लिहाज से कितना कारगर हो सकता है और क्या-क्या कर सकता है।

ये सब आसानी से निपटा सकता है जीपीटी-6 एस्ट्रा

कई स्टेप्स में पूरा होने वाले जटिल काम को निपटाना: किसी बड़े काम को छोटे-छोटे चरणों में बांटकर research → analysis → execution → verification तक ले जा सकता है।

कंप्यूटर को खुद चलाना: वेबसाइट खोलना, बटन क्लिक करना, फॉर्म भरना, डेटा कॉपी करना, CRM अपडेट करना, कैलेंडर व्यवस्थित करना और दूसरे GUI-बेस्ड काम करना।

वेब रिसर्च करना: कई वेबसाइटों से जानकारी जुटाकर उसे मिलाना, विश्लेषण करना और स्ट्रक्चर्ड रिपोर्ट तैयार करना।

लंबे रिसर्च प्रॉजेक्ट्स संभालना: इसका कॉन्टेक्स्ट विंडो 1.05 मिलियन टोकंस तक है, यानी बहुत बड़े दस्तावेजों, डेटासेट्स और प्रॉजेक्ट कॉन्टेक्स्ट को एक साथ संभाल सकता है।

टूल्स का इस्तेमाल: वेब सर्च, फाइल सर्च, कोड इंटरप्रेटर, होस्टेड शेल, कंप्यूटर यूज, एमसीपी और इमेज जेनरेशन जैसे टूल्स के साथ काम कर सकता है।

काम के दौरान नई इंस्ट्रक्शन लेना: अगर आप बीच में कहते हैं कि 'यह तरीका बदलो' या 'इस रिक्वायरमेंट को भी जोड़ो', तो एस्ट्रा बजाय पूरे टास्क को भूलकर नए सिरे से शुरू करने के चल रहे टास्क में नई रिक्वायरमेंट जोड़ सकता है।

अस्पष्ट निर्देशों में खुद से फैसला लेना: रुटीन गैप्स को कॉन्टेक्स्ट से भर सकता है, लेकिन अगर दुविधा का परिणाम महत्वपूर्ण हो सकता है तो उचित स्पष्टीकरण मांग सकता है।

एक साथ कई कामों में सामंजस्य बिठाना: API में एसिंक्रोनस टूल कॉलिंग के जरिए किसी टूल के रिजल्ट की प्रतीक्षा करते हुए स्वतंत्र कार्य जारी रख सकता है।

काम को वेरिफाई करना: खासकर कोडिंग और कंप्यूटर यूज वर्कफ्लोज में केवल आउटपुट बनाना नहीं, बल्कि उसे चलाकर/चेक करके गलतियां पकड़ना इसकी महत्वपूर्ण क्षमता है।

बड़े प्रॉजेक्ट को लंबे समय तक कॉन्टेक्स्ट में रखना: 1.05 मिलियन टोकन कॉन्टेक्स्ट के कारण बड़े कोडबेस, रिसर्च मैटिरियल, या गहन प्रॉजेक्ट डॉक्युमेंटेशन के साथ काम करना संभव है।

यह भी पढ़ें | ओपनएआई ने लॉन्च किया सबसे समझदार मॉडल, जीपीटी-6 एस्ट्रा के फीचर्स जान लीजिए

सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग: पूरा सॉफ्टवेटयर प्रॉजेक्ट समझना, कोड लिखना, मौजूद कोड बदलना, टेस्ट्स रन करना, बग्स ढूंढना और इंप्लेमेंटेशन वेरिफाई करना। OpenAI इसे अपना अब तक का सबसे सक्षम सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग मॉडल होने का दावा करता है।

कोडिंग एजेंट की तरह काम करना: केवल कोड स्निपेट देने के बजाय रिपॉजिटरी में काम करना, टूल्स इस्तेमाल करना और अलग-अलग चरणों में इंप्लेमेंटेशन आगे बढ़ाना।

वेबसाइट/वेब ऐप बनाना: प्रॉम्प्ट से फंक्शनल वेबसाइट, वेब एप्लिकेशन और कुछ मामलों में गेम्स तक बनाना, फिर ब्राउजर में उसका क्यूए/टेस्टिंग करना।

सॉफ्टवेयर इंस्टॉल और ट्रबलशूट करना: एस्ट्रा सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करने, उसे टेस्ट करने और स्क्रीन पर दिखाई दे रही समस्याओं को डायग्नोस करने में मदद कर सकता है।

साइंटिफिक रिसर्च: बायोलोजी, केमिस्ट्री, फिजिक्स और दूसरे तकनीकी/वैज्ञानिक क्षेत्रों में कठिन रीजनिंग और डेटा एनालिसिस करना। OpenAI के GPQA डायमंड मूल्यांकन में एस्ट्रा ने 96% स्कोर रिपोर्ट किया है।

कानूनी कार्य: कानूनी दस्तावेजों का विश्लेषण करना, निराधार धारणाओं को पहचानना और ड्राफ्टिंग के लिए ठोस स्थितियां तैयार करना।

फाइनेंशियल/प्रोफेशनल वर्क: जटिल वित्तीय विश्लेषण, डेटा विश्लेषण, कागजी कार्रवाई स्वचालन और अन्य नॉलेज-वर्क वर्कफ्लोज में एंड-टू-एंड

साइबर सिक्यॉरिटी: सुरक्षा खतरों को पहचानना और सॉफिस्टिकेटेड सिक्यॉरिटी एनालिसिस करना। यह एस्ट्रा की सबसे शक्तिशाली लेकिन सबसे संवेदनशील क्षमताओं में से एक है। ओपन इस्तेमाल ने इसे अपने प्रिपेयर्डनेस फ्रेमवर्क के क्रिटिकल साइबर सिक्योरिटी कैपेबिलिटी थ्रेशोल्ड तक पहुंचने वाला पहला मॉडल बताया है।

गेम्स और 3D एन्वायरनमेंट बनाना: OpenAI ने एस्ट्रा के उदाहरणों में इंटेरेक्टिव गेम्स, ब्लेंडर मॉडल्स और अनरीयल इंजिन एन्वायरन्मेंट्स बनाने की क्षमता दिखाई है।

विजुअल अंडस्टैंडिंग: स्क्रीनशॉट्स और कंप्यूटर इंटरफेसेस को समझकर यह तय करना कि अगला एक्शन क्या होना चाहिए।

इमेज इनपुट के साथ रीजनिंग: तस्वीरों को इनपुट के रूप में एनालाइज कर सकता है। API स्पेसिफिकेशन में इमेज इनपुट सपोर्टेड है।

मैथमेटिकल रीजनिंग: अत्यंत कठिन गणितीय समस्याओं पर काम करना; ओपनएआई के अनुसार एस्ट्रा ने फ्रंटियरमैथ टियर 4 में 98% स्कोर हासिल किया।

ऐब्स्ट्रैक्ट रीजनिंग: नए प्रकार की समस्याओं और अपरिचित माहौल को समझकर समाधान निकालना। ARC-AGI-3 पर ओपोनएआई ने 99.9% स्कोर रिपोर्ट किया है।

डॉक्युमेंट्स बनाना: प्रफेशनल रिपोर्ट्स, रिसर्च डॉक्युमेंट्स और दूसरे पॉलिश्ड डॉक्युमेंट्स तैयार करना।

प्रजेंटेशन बनाना: स्ट्रक्चर्ड नैरेटिव, उचित लेआउट और दिए गए टेंप्लेट/स्टाइल के अनुरूप प्रजेंटेशन तैयार करना।

स्प्रेडशीट्स पर काम करना: डेटा एनालिसिस, कैलकुलेशंस, स्ट्रक्चर्ड स्प्रेडशीट्स और प्रफेशनल फाइनेंशियल/बिजनेस एनालिसिस करना।

डेटा साइंस: डेटासेट्स का एनालिसिस, स्टेटिकल रीजनिंग, विजुअलाइजेशन और प्लॉट्स बनाना।

एंड-टु-एंड एजेंट की तरह काम करना: यही असली बदलाव है। उदाहरण के लिए, आप सिर्फ 'मेरे लिए एक वेबसाइट का कोड लिखो' नहीं कहेंगे। बल्कि सैद्धांतिक वर्कफ्लो हो सकता है- रिक्वायरमेंट्स समझो → रिसर्च करो → कोड लिखो → फाइल्स बनाओ → एप्लिकेशन चलाओ → ब्राउजर में टेस्ट करो → बग्स ठीक करो → फाइनल वर्जन तैयार करो।

एस्ट्रा पर भी नजर रखने की पड़ेगी जरूरत

अगर GPT-5.6 ल्युना को मुख्यतः 'बहुत सक्षम बौद्धिक सहायक' मानें, तो GPT-6 एस्ट्रा का लक्ष्य 'बौद्धिक + एग्जिक्युशन एजेंट' बनना है। फर्क केवल रीजनिंग क्वॉलिटी का नहीं है, बल्कि यह है कि एस्ट्रा को कंप्यूटर, ब्राउजर, कोड, फाइल्स और प्रोफेशनल सॉफ्टवेयर के साथ वास्तविक वर्कफ्लो एग्जिक्यूट करने के लिए बनाया गया है।

लेकिन ध्यान रहे कि एस्ट्रा 'कर सकता है' का मतलब यह कतई नहीं है कि 'हर बार बिना सुपरविजन के सही करेगा' है। ओपनएआई के बेंचमार्क नंबर्स काफी प्रभावी हैं, लेकिन वास्तविक दुनिया में अनुमति देने, टूल्स तक पहुंच देने, खराब आंकड़ों को सुलझाने, उलझे निर्देश को ठीक करने और महत्वपूर्ण निर्णय लेने जैसे कार्य अभी भी मानवीय हस्तक्षेप के बिना संभव नहीं हैं। खासकर साइबर सिक्यॉरिटी जैसी क्षमाओं में जोखिम काफी अधिक है।

चरण दर चरण रो रहा है रॉलआउट

और एक व्यावहारिक बात यह है कि GPT-6 एस्ट्रा अभी 4 सितंबर, 2026 को रॉलआउट फेज में है।ओपनएआई के अनुसार पहले चुनिंदा ऑर्गनाइजेशंस को ही एक्सेस दिया जा रहा है और फिर प्लस, प्रो, बिजनेस और एंटरप्राइज यूजर्स तक रॉलआउट हो रहा है। API में इसका मॉडल आईडी जीपीटी-6 एस्ट्रा है।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

होमट्रेंड्सखुद कंप्यूटर चलाने से लेकर सॉफ्टवेयर बनाने तक, क्या-क्या कर सकता है जीपीटी एस्ट्रा, देखिए पूरी लिस्ट
More