रेहान वाड्रा की सगाई की खबर सामने आते ही अंतरजाल पर कयास और बिना जांची बातों ने जगह बना ली। सामाजिक माध्यमों पर लोगों ने तरह-तरह की अफवाहें फैलाईं और जोड़े के निजी जीवन को लेकर तंज कसे।
इससे गलत जानकारी फैलने और राजनीतिक परिवारों के निजी कार्यक्रमों को निशाना बनाने पर चर्चा शुरू हो गई। सगाई एक सादा पारिवारिक आयोजन है, लेकिन अंतरजाल की हलचल ने इसे राजनीतिक रंग दे दिया।
अफवाहों का दौर
सगाई की खबरों के बाद कई संदेशों में रेहान वाड्रा और उनकी मंगेतर अवीवा की पहचान और होने वाले विवाह के तरीकों को लेकर बिना आधार के बातें कही गईं। इन दावों की न तो किसी आधिकारिक बयान से पुष्टि हुई है और न ही किसी भरोसेमंद स्रोत से।
रेहान वाड्रा, अवीवा या उनके परिवारों ने इन टिप्पणियों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। जानकारों का कहना है कि यह उपहास उस बड़े चलन को दिखाता है, जिसमें राजनीतिक परिवारों से जुड़े निजी अवसर जल्दी ही गलत जानकारी और साम्प्रदायिक बातों का विषय बन जाते हैं।
निजी खुशी, सार्वजनिक बयान नहीं
अंतरजाल की शोरगुल से अलग यह सगाई कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी और उनके परिवार के लिए एक निजी खुशी का पल है। रेहान वाड्रा की सगाई अवीवा से हुई है, जो आंतरिक सज्जाकार नंदिता बेग की बेटी हैं। नंदिता बेग प्रियंका गांधी की पुरानी मित्र हैं।
दोनों का वर्षों से घनिष्ठ संबंध है और उन्होंने साथ मिलकर काम भी किया है, जिसमें दिल्ली में कांग्रेस पार्टी के नए मुख्यालय इंदिरा भवन के आंतरिक साज-सज्जा पर सलाह देना शामिल है।
परिवार से जुड़े लोगों के अनुसार, रेहान और अवीवा एक-दूसरे को बचपन से जानते हैं और पढ़ाई के वर्षों में उनकी दोस्ती बनी रही। दोनों को छायांकन में रुचि है, जो आगे चलकर उनके लिए एक रचनात्मक शौक बन गया।