क्या आप जानते हैं ब्लू और वाइट आधार कार्ड में क्या होता है अंतर? यहां डिटेल में जानिए सबकुछ

बाल आधार 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए UIDAI द्वारा जारी किया जाने वाला नीला आधार कार्ड है। इसमें बच्चे की फोटो और डेमोग्राफिक जानकारी होती है, जबकि बायोमेट्रिक डेटा नहीं लिया जाता।

Manali Rastogi
अपडेटेड3 Sep 2026, 02:42 PM IST
आधार
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भारत में बड़ी संख्या में लोगों के लिए आधार एक जरूरी पहचान पत्र बन चुका है। आमतौर पर हम जिस आधार कार्ड का इस्तेमाल करते हैं, उसमें 12 अंकों की एक यूनिक पहचान संख्या होती है। इसके साथ नाम, पता जैसी डेमोग्राफिक जानकारी और फिंगरप्रिंट व आइरिस स्कैन जैसी बायोमेट्रिक जानकारी भी दर्ज होती है।

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए नीले रंग का आधार कार्ड जारी करता है, जिसे बाल आधार कहा जाता है। इसका नीला रंग इसे सामान्य आधार कार्ड से अलग पहचानने में मदद करता है, लेकिन इसके अलावा भी बाल आधार और सामान्य आधार कार्ड में कई महत्वपूर्ण अंतर हैं, जिनके बारे में माता-पिता को पता होना चाहिए।

बाल आधार और सामान्य आधार में क्या अंतर है?

सफेद आधार और नीले बाल आधार के बीच सबसे बड़ा अंतर बायोमेट्रिक जानकारी का है। 5 साल और उससे अधिक उम्र के लोगों के आधार में दोनों हाथों की सभी 10 उंगलियों के फिंगरप्रिंट और आइरिस की जानकारी दर्ज की जाती है।

वहीं, 5 साल से कम उम्र के बच्चों के बायोमेट्रिक डेटा को आधार बनाते समय दर्ज नहीं किया जाता है। इसकी वजह यह है कि इस उम्र में बच्चों के फिंगरप्रिंट और आइरिस पैटर्न अभी पूरी तरह विकसित नहीं होते हैं। बाल आधार बच्चे की फोटो और डेमोग्राफिक जानकारी के आधार पर जारी किया जाता है। साथ ही इसे बच्चे के माता-पिता में से किसी एक के आधार नंबर से लिंक किया जाता है।

बाल आधार कार्ड कब अपडेट करना होता है?

नीला बाल आधार इस उम्र में पूरी तरह स्वतंत्र पहचान पत्र के तौर पर काम नहीं करता, क्योंकि यह माता-पिता में से किसी एक के आधार से जुड़ा होता है। इसके विपरीत, सामान्य सफेद आधार व्यक्ति की स्वतंत्र पहचान से जुड़ा दस्तावेज होता है। बच्चे का आधार बनाते समय उसे माता-पिता में से किसी एक के आधार नंबर से लिंक किया जाता है।

बाल आधार 5 साल तक की उम्र के बच्चों के लिए जारी किया जाता है। बच्चा 5 साल का होने के बाद उसके बायोमेट्रिक विवरण को आधार में अपडेट कराना जरूरी होता है। अगर समय पर यह अपडेट नहीं कराया जाता है, तो आधार निष्क्रिय हो सकता है।

5 साल की उम्र में बच्चे के फिंगरप्रिंट और आइरिस जैसी बायोमेट्रिक जानकारी दर्ज होने के बाद उसका आधार सामान्य आधार में बदल जाता है। इसके बाद बच्चे के बायोमेट्रिक विवरण को 15 साल की उम्र में एक बार फिर अपडेट कराना होता है।

बाल आधार के लिए कैसे करें आवेदन?

  • अगर आप अपने बच्चे का बाल आधार बनवाना चाहते हैं, तो इसके लिए इन आसान स्टेप्स को फॉलो कर सकते हैं।
  • सबसे पहले अपने नजदीकी आधार एनरोलमेंट सेंटर पर जाएं। आप UIDAI की वेबसाइट के जरिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट भी बुक कर सकते हैं।
  • आधार सेंटर जाते समय बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र या अस्पताल से मिली डिस्चार्ज स्लिप और माता-पिता में से किसी एक का ओरिजिनल आधार कार्ड साथ लेकर जाएं।
  • एनरोलमेंट सेंटर पर बच्चे की फोटो ली जाएगी और उसकी जानकारी माता-पिता में से किसी एक के आधार से लिंक की जाएगी।
  • वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चे का आधार कार्ड आपके दिए गए पते पर भेज दिया जाएगा।
  • ध्यान रखें कि नए आधार एनरोलमेंट के साथ-साथ 5 और 15 साल की उम्र में होने वाले जरूरी बायोमेट्रिक अपडेट के लिए UIDAI की ओर से कोई शुल्क नहीं लिया जाता है।

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