Basant Panchami ki Hindi Katha: बसंत पंचमी पर यहां हिंदी पढ़ें मां सरस्वती की कथा, जानिए कैसे मिला उन्हें ये नाम

Basant Panchami Katha in Hindi: बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा होती है। इस दिन मां सरस्वती का प्रकट होना और उन्हें वाणी प्रदान करने की कथा का पाठ अनिवार्य है। यह दिन ज्ञान और संवाद का प्रतीक है।

Anuj Shrivastava
अपडेटेड23 Jan 2026, 10:00 AM IST
बसंत पंचमी की हिंदी कथा
बसंत पंचमी की हिंदी कथा

Basant Panchami Katha in Hindi: आज देशभर में बसंत पंचमी और सरस्वती पूजा मनाई जा रही है। इस दिन मां सरस्वती की पूजा की जाती है। पूजा के दौरान उनकी कथा का पाठ करना अनिवार्य है। इसके बिना पूजा अधूरी मानी जाती है। आइए पढ़ते हैं बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की कथा

बसंत पंचमी की संपूर्ण हिंदी कथा (Basant Panchami Ki Hindi Katha)

बसंत पंचमी की पौराणिक कथाओं के अनुसार इस दिन मां सरस्वती परम ब्रह्म के प्रकृति रूप में अवतरित हुई थीं। कथा के अनुसार एक दिन भगवान ब्रह्मा संसार का भ्रमण करने निकले, तो उन्हें समस्त संसार उदास नजर आया, हर तरफ घोर शांति छाई हुई थी। ये देखकर ब्रह्माजी को लगा कि संसार की रचना करते हुए शायद कोई कमी रह गई है। भगवान ब्रह्मा एक स्थान पर रुके और अपने कमंडल से जल निकालकर छिड़का। तब अलौकिक‍ ज्योति पुंज के साथ एक देवी प्रकट हुईं। देवी के हाथ में वीणा और चेहरे पर अत्यंत ही तेज झलक रहा था। ये देवी मां सरस्वती थीं।

उन्होंने ब्रह्मा जी को प्रणाम किया ज‍िसके उपरांत ब्रह्माजी ने माता सरस्वती से कहा कि इस संसार में सभी लोग मूक है, ये आपसी संवाद नहीं कर सकते हैं। ये सुनकर मां सरस्वती ने पूछा कि प्रभु मेरे लिए क्या आज्ञा है? तब ब्रह्माजी ने मां सरस्वती से कहा कि वे अपनी वीणा से इन्हें ध्वनि प्रदान करें, जिससे इनके बीच संवाद हो सके और ये एक दूसरे की भावों को समझ सके। भगवान ब्रह्मा की आज्ञा का पालन करते हुए मां सरस्वती ने समस्त संसार को वाणी प्रदान की, जिसके बाद से मनुष्य‍य एक-दूसरे के विचारों को समझने लगे।

देवी ने प्रकट होकर संसार को ज्ञान, स्वर और शब्द दिए, इसलिए ब्रह्मा जी ने उन्हें 'सरस्वती' नाम दिया। देवी सरस्वती के अन्य कई नाम भी हैं। वाणी प्रदान करने के कारण उन्हें 'वाग्देवी' कहा जाता है। संगीत की उत्पत्ति के कारण उन्हें 'वीणावादिनी' कहा जाता है। जिस तिथि पर देवी सरस्वती का प्राकट्य हुआ, उस दिन माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि थी।

Basant Panchami 2026 Muhurat: बसंत पंचमी 2026 मुहूर्त

  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12 :11 से 12 :54 तक
  • अमृतकाल मुहूर्त: प्रातः 9: 31 से 11:05 तक

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