
मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर आने वाला पहला प्रदोष व्रत 2 दिसंबर 2025 को पड़ रहा है। यह व्रत मंगलवार को है, इसलिए इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाएगा। इस बार प्रदोष व्रत के दिन तीन शुभ योग भी बन रहे हैं। ऐसा माना जाता है कि जो भी भक्त इस दिन प्रदोष व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करता है, उसे अपने कामों में सफलता मिलती है। साथ ही, यह व्रत पाप, रोग और दोषों को दूर करने वाला भी माना जाता है।
पंचांग के अनुसार, भौम प्रदोष व्रत के दिन प्रदोष काल का मुहूर्त शाम 05:24 बजे से रात 08:07 बजे तक रहेगा।
जब प्रदोष व्रत मंगलवार को आता है, तो इसे भौम प्रदोष कहा जाता है। ‘भौम’ शब्द मंगल ग्रह से जुड़ा है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखकर भगवान शिव की पूजा करने से रोगों से राहत मिलती है और स्वास्थ्य बेहतर होता है। यह व्रत कर्ज़ मुक्ति के लिए भी खास माना जाता है।
जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष हो, वे इस दिन उपवास और पूजा करके लाभ पा सकते हैं।यह व्रत दांपत्य जीवन में सुख-शांति लाता है और घर में समृद्धि बढ़ाता है। जो लोग किसी बीमारी से जूझ रहे हों, वे भी यदि संभव हो तो यह व्रत रखें, क्योंकि माना जाता है कि इससे स्वास्थ्य में सुधार होता है।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)
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