Bhoot Bangla review: बॉलीवुड सुपरस्टार अक्षय कुमार फिल्म भूत बंगला के साथ बड़े पर्दे पर वापसी करते हैं। यह एक हॉरर-कॉमेडी फिल्म है, जिसमें डर और हंसी का मिश्रण दिखाने की कोशिश की गई है। मल्टी-स्टार कास्ट और रहस्य से भरी कहानी के चलते इस फिल्म से काफी उम्मीदें थीं।
हाल के समय में बॉलीवुड में हॉरर-कॉमेडी फिल्मों की लोकप्रियता को देखते हुए दर्शकों की उम्मीदें और भी ज्यादा थीं। लेकिन दिलचस्प कहानी और अक्षय कुमार जैसे अनुभवी कॉमिक अभिनेता के बावजूद, यह फिल्म उन उम्मीदों पर पूरी तरह खरी नहीं उतरती।
फिल्म की कहानी मंगलपुर गांव के डरावने माहौल में शुरू होती है, जहां “वधुसुर” नाम का एक रहस्यमयी राक्षस नई-नई दुल्हनों का अपहरण करता है। शुरुआत में यह कहानी दिलचस्प लगती है, लेकिन आगे चलकर इसका असर कम हो जाता है।
कहानी फिर लंदन शिफ्ट होती है, जहां अर्जुन (अक्षय कुमार) अपनी बहन मीरा (मिथिला पालकर) की शादी राहुल (पेरिन माल्डे) से कराने की तैयारी में जुटा होता है। तभी उन्हें अपने दादा की मौत की खबर मिलती है, जिसके बाद उन्हें मंगलपुर में एक बड़ा महल विरासत में मिलता है।
अर्जुन इस मौके का फायदा उठाते हुए शादी उसी महल में करने का फैसला करता है, जबकि केयरटेकर शांताराम (असरानी) उसे चेतावनी देता है कि यह जगह भूतिया है और इससे जुड़ा एक खतरनाक राज है।
गांव के लोग भी बताते हैं कि मंगलपुर में कोई भी शादी सुरक्षित नहीं है, क्योंकि वधुसुर दुल्हनों को उठा ले जाता है। इसी के साथ एक और कहानी चलती है, जिसमें एक लड़की (वामिका गब्बी) अपनी लापता बहन को ढूंढ रही है, जिसे इसी तरह गायब किया गया था। कागज पर ये सब काफी रोचक लगता है, लेकिन फिल्म इसे अच्छे से पेश नहीं कर पाती।
फिल्म का पहला हिस्सा कुछ हद तक मनोरंजक है, खासकर अक्षय कुमार, राजपाल यादव, असरानी और परेश रावल की कॉमिक टाइमिंग के कारण। लेकिन धीरे-धीरे मजाक दोहराव वाला लगने लगता है और कहानी में नया कुछ नहीं लगता।
दूसरे हिस्से में फिल्म अचानक ज्यादा गंभीर हो जाती है, जिससे इसका संतुलन बिगड़ जाता है। डर वाले सीन भी ज्यादा असरदार नहीं हैं, बस कुछ ही जगह हल्का-फुल्का डर महसूस होता है।
एक्टिंग की बात करें तो अक्षय कुमार अपनी एनर्जी के साथ ठीक-ठाक प्रदर्शन करते हैं और कुछ जगह ध्यान खींचते हैं। असरानी और राजपाल यादव अपने छोटे रोल में अच्छा काम करते हैं। परेश रावल, जिशु सेनगुप्ता और राजेश शर्मा भी ठीक लगे।
हालांकि वामिका गब्बी, तब्बू और मिथिला पालकर जैसे अच्छे कलाकारों का सही इस्तेमाल नहीं किया गया, जिससे फिल्म और कमजोर हो जाती है।
कुल मिलाकर, भूत बंगला एक ऐसी फिल्म है जो हॉरर-कॉमेडी होते हुए भी कुछ नया नहीं दे पाती। यह पूरी तरह खराब नहीं है, लेकिन याद रखने लायक भी नहीं है। एडिटिंग भी कई जगह कमजोर लगती है।
यह फिल्म अक्षय कुमार और प्रियदर्शन की फिल्म भूल भुलैया के आसपास भी नहीं पहुंच पाती। अच्छी कहानी और मजबूत कास्ट होने के बावजूद, यह फिल्म सिर्फ हल्का-फुल्का मनोरंजन देती है और आखिर में निराश करती है।