Fatty Liver Reducing tips: फैटी लिवर की बीमारी अक्सर चुपचाप बढ़ती है। शुरुआत में न दर्द होता है, न कोई साफ लक्षण और जब तक पता चलता है, तब तक लिवर पर दबाव बढ़ चुका होता है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि लिवर को ठीक रखने के लिए रोज की सही आदतें जरूरी होती हैं। इसी बीच कोलकाता की डाइटिशियन निकिता बारडिया ने एक ऐसा ड्रिंक बताया है जो लिवर को पसंद आता है और फैटी लिवर कम करने में बेहद कारगर भी है।
क्या है डाइटिशियन की सलाह?
कोलकाता की डाइटिशियन और हेल्थ कोच निकिता बारडिया, जिनके पास 10 साल का अनुभव है, बताती हैं कि फैटी लिवर को सपोर्ट करने में ब्लैक कॉफी मददगार हो सकती है। उन्होंने 22 जनवरी को शेयर किए गए एक वीडियो में कहा कि यह कोई ग्रीन डिटॉक्स जूस नहीं, बल्कि सादी ब्लैक कॉफी है, जो लिवर के लिए फायदेमंद मानी जाती है। उनके मुताबिक, सही तरीके से ली गई ब्लैक कॉफी लिवर पर कई स्तरों पर असर करती है।
ब्लैक कॉफी पीने के 4 बड़े फायदे
- फैट जमा होने से रोकती है- कॉफी इंसुलिन सेंसिटिविटी सुधारती है, जिससे लिवर में फैट जमा होने की संभावना कम होती है। नियमित कॉफी पीने वालों में लिवर फैट कम पाया गया है, जो स्कैन में भी दिखता है।
- एंटी-इन्फ्लमेटरी इफेक्ट- ब्लैक कॉफी में मौजूद क्लोरोजेनिक एसिड और पॉलीफेनॉल्स लिवर में सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करने में मदद करते हैं। यह इसलिए जरूरी है क्योंकि लिवर का यही सूजन आगे चलकर फैटी लिवर से NASH और फिर फाइब्रोसिस की वजह बनती है।
- फाइब्रोसिस धीमा करती है- डाइटिशियन के मुताबिक, कई स्टडीज में यह पाया गया है कि कॉफी पीने वालों में लिवर फाइब्रोसिस की रफ्तार धीमी होती है। खास बात यह है कि यह फायदा वजन कम हुए बिना भी देखा गया है।
- लिवर एंजाइम सुधारती है- नियमित ब्लैक कॉफी पीने से ALT और AST जैसे लिवर एन्जाइम्स बेहतर पाए गए हैं, जो लिवर स्ट्रेस के अहम संकेतक माने जाते हैं।
कितनी बार पीना चाहिए ब्लैक कॉफी?
- रोजाना 2 से 3 कप ब्लैक कॉफी सबसे अच्छा माना गया है।
- 4 कप तक भी कुछ स्टडीज में फायदेमंद बताया गया है, लेकिन ज्यादा लेने से नींद और हार्मोन पर असर पड़ सकता है।
- कॉफी को मिड-मॉर्निंग या खाने के बाद लेना बेहतर है, रात में लेने से नींद खराब हो सकती है।
कॉफी को मीठा न बनाएं
डाइटिशियन साफ कहती हैं कि फायदा सिर्फ सादी ब्लैक कॉफी से मिलता है। चीनी, फ्लेवर्ड क्रीमर, डेजर्ट कॉफी या कॉफी को मील रिप्लेसमेंट बनाना इसके असर को खत्म कर सकता है।
इस बात का रखें खास ध्यान
निकिता ने यह भी साफ बताया कि कॉफी कोई इलाज नहीं है। अगर डाइट में ज्यादा चीनी, रिफाइंड कार्ब्स, शराब, खराब नींद और कम एक्टिविटी बनी रहती है, तो सिर्फ कॉफी फैटी लिवर को ठीक नहीं कर सकती। सही खानपान और लाइफस्टाइल के साथ ही इसका असर दिखता है।
ब्लैक कॉफी कोई जादुई इलाज नहीं है, लेकिन सही मात्रा में और सही तरीके से लेने पर यह लिवर को हेल्दी रखने में मदद कर सकती है। साथ ही संतुलित डाइट, अच्छी नींद और एक्टिव लाइफस्टाइल भी उतने ही जरूरी हैं।
डिस्क्लेमर: यह लेख सिर्फ जानकारी देने के मकसद से लिखा गया है। इसे किसी भी तरह की मेडिकल सलाह का विकल्प न मानें। इसमें दी गई बातें सोशल मीडिया पर साझा किए गए यूजर कंटेंट पर आधारित हैं। लाइवमिंट इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता और न ही इन्हें बढ़ावा देता है।