Nose vs Mouth Breathing: दौड़ते वक्त नाक से सांस लेना चाहिए या मुंह से? जानें क्या है सही तरीका

Nose vs Mouth Breathing: दौड़ते समय सांस लेने का तरीका आपकी परफॉर्मेंस और सहनशक्ति पर बड़ा असर डाल सकता है। सही तकनीक अपनाने से रनिंग आसान और असरदार बन सकती है।

Priya Shandilya
पब्लिश्ड26 Dec 2025, 04:39 PM IST
दौड़ते वक्त नाक से सांस लेना क्यों ज्यादा फायदेमंद है?
दौड़ते वक्त नाक से सांस लेना क्यों ज्यादा फायदेमंद है?

Nose vs Mouth Breathing: सांस लेना हमारी सबसे प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन जब हम एक्सरसाइज करते हैं तो इसका तरीका बहुत मायने रखता है। आमतौर पर लोग तेज वर्कआउट के दौरान मुंह से सांस लेने लगते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे ज्यादा ऑक्सीजन मिलेगी। लेकिन रिसर्च बताती है कि नाक से सांस लेना शरीर के लिए कहीं ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।

नाक से सांस लेना क्यों माना जाता है बेहतर?

ज्यादातर लोग मानते हैं कि मुंह से सांस लेने पर ज्यादा ऑक्सीजन मिलती है, लेकिन शोध कुछ और ही कहते हैं। नाक से सांस लेने पर हवा शरीर में धीरे और नियंत्रित तरीके से जाती है। इससे शरीर कम ऑक्सीजन में भी बेहतर काम कर पाता है। यही वजह है कि लंबे समय तक दौड़ने वाले एथलीट नाक से सांस लेने की आदत डालते हैं।

कम ऑक्सीजन में भी शरीर कैसे करता है बेहतर काम?

इसे ऐसे समझिए जैसे कोई गाड़ी कम पेट्रोल में ज्यादा दूरी तय कर ले। नाक से सांस लेने पर शरीर ऑक्सीजन का बेहतर इस्तेमाल करता है, जिससे मांसपेशियां जल्दी थकती नहीं हैं। इसका फायदा यह होता है कि आप लंबे समय तक बिना ज्यादा थके एक्सरसाइज कर पाते हैं।

नाक से सांस लेने के अन्य फायदे

  • हवा सही मात्रा में जाती है: नाक से सांस लेने पर हवा धीरे-धीरे अंदर जाती है, जिससे शरीर को जरूरत भर ऑक्सीजन मिलती है और बेकार की हवा अंदर नहीं जाती।
  • शरीर को जल्दी ऑक्सीजन मिलती है: नाक से ली गई सांस फेफड़ों तक सही तरीके से पहुंचती है, जिससे मांसपेशियों को ऑक्सीजन जल्दी मिलती है और थकान कम होती है।
  • दिल पर ज्यादा जोर नहीं पड़ता: जब सांस सही तरीके से ली जाती है तो दिल को ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ती, जिससे हार्ट पर दबाव कम रहता है।
  • बीमारी से भी बचाव होता है: नाक से सांस लेने पर शरीर में नाइट्रिक ऑक्साइड बनता है, जो हवा में मौजूद कीटाणुओं से बचाने में मदद करता है और फेफड़ों को स्वस्थ रखता है।
  • सांस लेना आसान हो जाता है: धीरे-धीरे नाक से सांस लेने की आदत डालने से शरीर खुद को बेहतर तरीके से संतुलित करना सीख लेता है और सांस फूलने की दिक्कत कम होती है।

सावधानियां और अभ्यास

नाक से सांस लेना एक सीखी जाने वाली प्रक्रिया है। बिना अभ्यास के शुरू करने पर असुविधा हो सकती है। शुरुआत में नाक और मुंह दोनों से सांस लेने का अभ्यास करें। धीरे-धीरे आदत डालें ताकि यह प्रक्रिया सहज हो जाए।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सNose vs Mouth Breathing: दौड़ते वक्त नाक से सांस लेना चाहिए या मुंह से? जानें क्या है सही तरीका
More
बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सNose vs Mouth Breathing: दौड़ते वक्त नाक से सांस लेना चाहिए या मुंह से? जानें क्या है सही तरीका