गर्मी का मौसम अक्सर हमें अचानक प्रभावित कर देता है। एक दिन धूप में ज्यादा समय बिताने या पानी कम पीने से शरीर थका हुआ और कमजोर महसूस करने लगता है, और कई बार हमें समझ भी नहीं आता कि ऐसा क्यों हो रहा है।
डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी गर्मियों में बहुत आम समस्या है, लेकिन लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। डॉ कुणाल सूद के अनुसार, इसके शुरुआती लक्षणों को पहचानना बहुत जरूरी है ताकि गंभीर स्थिति से बचा जा सके।
गर्मियों में डिहाइड्रेशन क्यों होता है?
गर्मी के मौसम में शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए ज्यादा पसीना निकालता है। अगर इस दौरान हम पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं, तो शरीर में पानी की कमी हो जाती है। इससे शरीर का तापमान संतुलित रखना और पाचन जैसी प्रक्रियाएं प्रभावित होती हैं।
धीरे धीरे हल्का डिहाइड्रेशन भी थकान और चिड़चिड़ापन पैदा कर सकता है। इसके सामान्य कारण हैं धूप में ज्यादा समय बिताना, ज्यादा शारीरिक मेहनत करना, कम पानी पीना और उल्टी या दस्त जैसी बीमारियां। ज्यादा कैफीन या मीठे पेय पदार्थ भी स्थिति को खराब कर सकते हैं।
शुरुआती संकेत क्या हैं?
डिहाइड्रेशन अचानक नहीं होता, यह धीरे धीरे बढ़ता है। इसके कुछ संकेत हैं मुंह सूखना, ज्यादा प्यास लगना, पेशाब का रंग गहरा पीला होना या पेशाब कम आना। इसके अलावा थकान, चक्कर आना, सिरदर्द और मांसपेशियों में ऐंठन भी हो सकती है। कुछ मामलों में मुंह का ज्यादा सूखना, आंखों का धंसा हुआ दिखना और दिल की धड़कन तेज होना भी देखा जा सकता है। यह संकेत है कि शरीर पर दबाव बढ़ रहा है।
कब इसे गंभीरता से लें?
अगर ये लक्षण बने रहते हैं या बढ़ने लगते हैं, तो तुरंत ध्यान देना जरूरी है। डिहाइड्रेशन को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए। हल्की समस्या भी समय के साथ गंभीर बन सकती है।
शरीर को हाइड्रेट कैसे रखें?
डिहाइड्रेशन से बचना आसान है, लेकिन लोग अक्सर इसे नजरअंदाज कर देते हैं। रोजाना पर्याप्त पानी पीना बहुत जरूरी है। आमतौर पर व्यक्ति को अपनी गतिविधि और मौसम के अनुसार 2 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए।
घर पर बने पेय जैसे पानी में नमक और चीनी मिलाकर पीना भी फायदेमंद है। इसके अलावा खीरा, तरबूज, टमाटर और पालक जैसी पानी से भरपूर चीजें खाने से भी शरीर हाइड्रेट रहता है। नींबू पानी, नारियल पानी और छाछ जैसे पारंपरिक पेय भी शरीर को ठंडा और हाइड्रेट रखने में मदद करते हैं।
किन चीजों से बचें?
कुछ आदतें डिहाइड्रेशन को बढ़ा सकती हैं। ज्यादा मीठे पेय, कैफीन, शराब और बहुत ज्यादा नमकीन या मसालेदार खाना शरीर में पानी की कमी बढ़ाते हैं। इसके अलावा तेज धूप में बिना बचाव के बाहर निकलना भी नुकसानदायक हो सकता है।
शुरुआत में डिहाइड्रेशन गंभीर नहीं लगता, इसलिए लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर समय रहते इसके संकेत पहचान लिए जाएं और छोटी छोटी सावधानियां बरती जाएं, तो बड़ी समस्या से बचा जा सकता है।गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट रखना सिर्फ आराम के लिए नहीं, बल्कि सेहत के लिए बहुत जरूरी है।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)