
हाल के वर्षों में जिम सिर्फ मसल बनाने की जगह नहीं रहे, बल्कि अचानक दिल से जुड़ी समस्याओं के हॉटस्पॉट भी बनते जा रहे हैं। वर्कआउट के दौरान हार्ट अटैक की खबरें बढ़ने के बाद डॉक्टर अब लोगों को सलाह दे रहे हैं कि किसी भी एक्सरसाइज रूटीन को शुरू करने या उसे पहले से ज्यादा कठिन बनाने से पहले जरूरी हेल्थ स्क्रीनिंग जरूर कराएं।
बहुत भारी या अचानक तेज वर्कआउट करने से ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ सकता है। एक्सरसाइज के दौरान ब्लड प्रेशर बढ़ना नॉर्मल है, लेकिन अगर किसी का दिल पहले से कमजोर है या धमनियों में ब्लॉकेज है, तो यह बढ़ा हुआ दबाव खतरनाक हो सकता है।
कई बार दिल की छुपी बीमारियां जैसे कोरोनरी आर्टरी डिजीज, अरिथमिया या हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी पता ही नहीं चलतीं और एक्सरसाइज के दौरान ट्रिगर हो जाती हैं।
इसके अलावा धूम्रपान, गलत खान-पान या कंट्रोल में न रहने वाली डायबिटीज जैसे लाइफस्टाइल फैक्टर भी खतरा बढ़ा देते हैं। ऐसे में लाइव हिंदुस्तान ने फोर्टिस अस्पताल के कार्डियोलॉजी डिपार्टमेंट के डायरेक्टर डॉ. नित्यानंद त्रिपाठी के हवाले से बताया कि युवाओं को कौन से टेस्ट कराने चाहिए।
ईसीजी (Electrocardiogram): यह एक बुनियादी लेकिन बहुत उपयोगी टेस्ट है, जो दिल की इलेक्ट्रिकल सिग्नल्स को रिकॉर्ड करता है। इससे धड़कन की गड़बड़ियां (arrhythmias) और अचानक होने वाले हार्ट फेलियर के जोखिम का पता लगाया जा सकता है। यह दर्द रहित, जल्दी होने वाला टेस्ट है और वर्कआउट शुरू करने से पहले एक अच्छा बेसलाइन टेस्ट माना जाता है।
2डी इको (Echocardiography): यह एक अल्ट्रासाउंड स्कैन है, जो दिल की लाइव तस्वीरें दिखाता है। इससे दिल की बनावट और काम करने की क्षमता का पता चलता है। यह हाइपरट्रॉफिक कार्डियोमायोपैथी (HCM), वाल्व की समस्या और अन्य छुपी हुई हार्ट बीमारियों का पता लगाने में मदद करता है।
टीएमटी (Treadmill Test / Stress Test): इस टेस्ट में देखा जाता है कि आपका दिल शारीरिक मेहनत के दौरान कैसा काम करता है। आपको ट्रेडमिल पर चलने या दौड़ने के लिए कहा जाता है और इसी दौरान दिल की गतिविधि मॉनिटर की जाती है। यह टेस्ट उन ब्लॉकेज या खराब ब्लड फ्लो को दिखा सकता है जो आराम की अवस्था में दिखाई नहीं देते।
ट्रोपोनिन और एन-टी प्रो बीएनपी (NT-proBNP): ये खून के टेस्ट दिल पर तनाव या शुरुआती नुकसान का पता लगाने में मदद करते हैं। अगर इनके स्तर बढ़े हुए हों, तो यह संकेत हो सकता है कि दिल पर दबाव है या बिना लक्षणों के नुकसान हो रहा है।
लिपिड प्रोफाइल + एचबीए1सी (HbA1c): ये टेस्ट कोलेस्ट्रॉल और लंबे समय के ब्लड शुगर स्तर की जाँच करते हैं। बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल और अनियंत्रित डायबिटीज हार्ट डिजीज और स्ट्रोक के दो बड़े कारण हैं। इन समस्याओं का जल्दी पता चलने से डाइट और दवाओं के जरिए नियंत्रण करना आसान हो जाता है।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)
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