
सुपरमार्केट में खरीदारी करते समय शॉपिंग कार्ट का इस्तेमाल करना आम बात है। खासकर बच्चों के साथ आने वाले लोग इसे सुरक्षित और सुविधाजनक मानते हैं। लेकिन इस आसान और बेहद सुरक्षित लगने वाली आदत के पीछे संक्रमण का खतरा छिपा हो सकता है।
हाल ही में डबल-बोर्ड सर्टिफाइड डॉक्टर कुणाल सूद ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें उन्होंने शॉपिंग कार्ट से संक्रमण फैलने के खतरे के बारे में बताया। डॉक्टर कुणाल ने यूनिवर्सिटी ऑफ एरिज़ोना की एक स्टडी का ज़िक्र किया, जिसका नाम है “Bacterial Contamination of Shopping Carts and Approaches to Control”।
इस स्टडी में अमेरिका के कुछ शहरों के 85 शॉपिंग कार्ट्स की जांच की गई। ये कार्ट्स पार्किंग एरिया और स्टोर के बाहर रखे गए थे। शोधकर्ताओं ने बताया कि कार्ट्स को बाहर खुले में रखने से उनकी सतह पर बैक्टीरिया लंबे समय तक जीवित रह सकते हैं।
स्टडी में पाया गया कि शॉपिंग कार्ट्स पर कोलिफॉर्म और ई. कोलाई जैसे बैक्टीरिया मौजूद थे। इसका मतलब है कि लोग रोज़ाना इस्तेमाल में आने वाले इन कार्ट्स से पेट से जुड़े बैक्टीरिया के संपर्क में आते हैं।
सबसे चौंकाने वाली बात यह थी कि शॉपिंग कार्ट्स पर बैक्टीरिया की मात्रा, सार्वजनिक टॉयलेट और अन्य आम जगहों पर छूने वाली चीज़ों से भी ज़्यादा थी। खासकर कार्ट के हैंडल पर ये बैक्टीरिया अधिक पाए गए।
डॉक्टर कुणाल सूद का कहना है कि संक्रमण के खतरे को कम करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि शॉपिंग कार्ट के हैंडल को इस्तेमाल से पहले डिसइंफेक्टेंट वाइप से साफ कर लिया जाए।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)
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