लंदन की एक शिपिंग कंपनी का एक मालवाहक जहाज प्रशांत महासागर में डूबने की खबर सामने आई है। इस जहाज का नाम ' मॉर्निंग मिडास' बताया जा रहा है। मालवाहक जहाज में आग लग गई थी। इसके बाद यह समुद्र में डूब गया। यह जहाज चीन से मेक्सिको जा रहा था। जहाज में 3,000 नए वाहन लदे थे। इसके अलावा 800 इलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल थे। आग लगने के बाद चालक दल के सदस्यों को एक अन्य जहाज ने बचा लिया। आग इतनी भीषण थी कि उसे बुझाया नहीं जा सका था।
बता दें कि इलेक्ट्रिक वाहनों में लिथियम-आयन बैटरी होती हैं। यह आम तौर पर सुरक्षित होती हैं, लेकिन क्षतिग्रस्त होने पर ज़्यादा गर्म हो गई। कल मिलाकर माना जा रहा है कि इलेक्ट्रिक वाहनों में लगी लीथियम बैटरी के कारण जहाज में आग भड़की थी। इस जहाज का निर्माण साल 2006 में हुआ था। ये 600 फुट (183 मीटर) लंबा था।
जानिए शिपिंग कंपनी ने बयान में क्या कहा
शिपिंग कंपनी ने कहा कि मालवाहक जहाज 23 जून को डूब गया था। ज़ोडियाक मैरीटाइम ने एक बयान में आगे कहा कि आग से होने वाला नुकसान खराब मौसम के कारण और भी बढ़ गया था। बाद में जहाज़ के अंदर पानी घुस गया, जिससे वह मालवाहक जहाज प्रशांत महासागर में डूब गया। मॉर्निंग मिडास नाम का यह जहाज जमीन से 415 मील दूर, 16,404 फीट की गहराई में डूबा है।
3 जून 2025 को इसमें आग लगी थी। इसके बाद जहाज एक ओर ही झुक गया था। जहाज के चालक दल और अन्य कर्मचारियों समेत 22 लोगों को दूसरी जहाज से बचाया गया। यह जहाज 26 मई को यंताई, चीन से मेक्सिको के लिए रवाना हुआ था।
मॉर्निंग मिडास में 3,000 वाहन लदे थे
600 फुट लंबे इस मालवाहक जहाज में 3 जून को अलास्का तट से लगभग 300 मील दूर अचानक आग लग गई। यह जहाज 3,000 वाहनों को ले जा रहा था। जिसमें 800 इलेक्ट्रिक वाहन भी शामिल थे। जहाज में लगी आग को जब नहीं बुझा पाए तो चालक दल ने इस जहाज को छोड़ दिया। शुरुआती दौर में जहाज के पिछले हिस्से में इलेक्ट्रिक वाहनों से लदे डेक से धुएं का एक बड़ा गुबार देखने को मिला। यूएस कोस्ट गार्ड ने इसकी एक तस्वीर भी शेयर की है।