CBSE Rules Changes: CBSE का सुपर अपग्रेड! अब कक्षा 6 से अनिवार्य होंगी 2 भारतीय भाषाएं, जारी हुआ नया शेड्यूल

CBSE New Schedule Out: सीबीएसई ने नया शैक्षणिक कार्यक्रम लागू किया है, जिसमें कक्षा 6 से तीन-भाषा फॉर्मूला और कक्षा 9 के लिए गणित तथा विज्ञान की दो-स्तरीय प्रणाली शामिल है। यह प्रणाली 2026-27 से प्रभावी होगी।

Anuj Shrivastava( विद इनपुट्स फ्रॉम वार्ता)
अपडेटेड3 Apr 2026, 09:23 PM IST
सीबीएसई ने जारी किया नया शेड्यूल
सीबीएसई ने जारी किया नया शेड्यूल

CBSE New Schedule Out: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने अपना नया शैक्षिक कार्यक्रम लागू कर दिया है, जिसके तहत शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 9 के लिए गणित और विज्ञान की दो-स्तरीय प्रणाली तथा कक्षा 6 से तीन-भाषा फॉर्मूले का चरणबद्ध कार्यान्वयन शुरू किया जाएगा। सीबीएसई के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

अधिकारी ने बताया कि नयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत अनिवार्य तीन-भाषा फॉर्मूला शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 6 के लिए लागू किया जाएगा, जबकि कक्षा 9 के लिए गणित और विज्ञान में अनिवार्य मानक एवं वैकल्पिक उन्नत पाठ्यक्रमों की दो-स्तरीय प्रणाली शुरू की जाएगी।अधिकारी ने कहा कि भाषाओं को तीन चरणों-आर1, आर2 और आर3-में एक सुव्यवस्थित तीन-भाषा ढांचे के तहत व्यवस्थित किया गया है। नये राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचे (एनसीएफ) की सिफारिशों के अनुसार, इन तीन भाषाओं में से दो भारत की मूल भाषाएं होनी चाहिए।

कक्षा 6 से तीसरी भाषा अनिवार्य

उन्होंने कहा कि बहुभाषी शिक्षा के चरणबद्ध कार्यान्वयन के बोर्ड के प्रयासों को जारी रखते हुए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 6 से तीसरी भाषा को अनिवार्य कर दिया जाएगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि प्रत्येक छात्र कम से कम दो भारतीय भाषाओं का अध्ययन करे। हालांकि, एक समान भाषा योजना को अपनाना वांछनीय है, लेकिन अगर कोई छात्र विदेश के किसी स्कूल से पढ़कर आया है और उसने वहां कक्षा 8 या 9 तक जो तीसरी भाषा पढ़ी थी, वह भारत के स्कूलों में उपलब्ध नहीं है, तो ऐसे खास मामलों में उसे निर्धारित मानदंडों के अनुसार छूट दी जा सकती है। हालांकि, इन छात्रों के लिए कुल उतने विषयों को पढ़ना अनिवार्य होगा, जितने अध्ययन योजना में निर्धारित किए गए हैं।

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2031 से तीन-भाषा प्रारूप पूरी तरह होगा लागू

अधिकारी के अनुसार, कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीसरी भाषा या 'आर3' को अभी अनिवार्य नहीं किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस साल कक्षा 6 के छात्रों के लिए 'आर3' स्तर की पाठ्यपुस्तकें शुरू की जाएंगी। ये छात्र 2031 में बोर्ड परीक्षा देंगे और तभी से तीन-भाषा प्रारूप पूरी तरह से लागू कर दिया जाएगा।अधिकारी ने कहा कि कक्षा 9 के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से गणित और विज्ञान की दो-स्तरीय प्रणाली शुरू होने से दोनों विषयों में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव देखने को मिलेगा।

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उन्होंने कहा कि सभी छात्र मानक पाठ्यक्रम का अध्ययन करेंगे और तीन घंटे की 80 अंकों की एक समान परीक्षा में शामिल होंगे। उच्च दक्षता का विकल्प चुनने वाले छात्र दोनों विषयों में से किसी एक या दोनों में अतिरिक्त 'उन्नत' स्तर का चयन कर सकते हैं। इस स्तर में एक घंटे का 25 अंकों का एक अन्य प्रश्नपत्र हल करना होगा, जिसे उच्च-स्तरीय बौद्धिक कौशल और गहन वैचारिक समझ आंकने के लिए तैयार किया गया है।

अधिकारी ने कहा कि छात्रों के लिए मानक परीक्षा देना अनिवार्य होगा, जबकि उन्नत परीक्षा वैकल्पिक रहेगी। अहम बात यह है कि उन्नत परीक्षा में हासिल अंकों को कुल अंकों में नहीं जोड़ा जाएगा; इसके बजाय 50 फीसदी या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्रों की मार्कशीट में उन्नत स्तर की योग्यता अलग से दिखाई जाएगी।

कक्षा 10 की पहली बोर्ड परीक्षा 2028 में होगी

उन्होंने बताया कि गणित और विज्ञान के लिए दो-स्तरीय प्रणाली (मानक और उन्नत) पर आधारित कक्षा 10 की पहली बोर्ड परीक्षा 2028 में आयोजित की जाएगी।अधिकारी के मुताबिक, कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए 'कम्प्यूटेशनल थिंकिंग' और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को अनिवार्य विषयों के रूप में शामिल किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इन विषयों को मौजूदा शैक्षणिक सत्र में आंतरिक मूल्यांकन वाले मॉड्यूल के रूप में पेश किया जाएगा और 2029 में ये कक्षा 10 के लिए बोर्ड परीक्षा का अनिवार्य विषय बन जाएंगे।अधिकारी के अनुसार, नये शैक्षिक कार्यक्रम के तहत सीबीएसई कक्षा 9 और 10 में कला शिक्षा, व्यावसायिक शिक्षा और शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य बना रहा है। उन्होंने बताया कि कला शिक्षा और शारीरिक शिक्षा के लिए पाठ्यपुस्तकें पेश की जाएंगी।

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अधिकारी ने कहा कि मौजूदा शैक्षणिक सत्र में कक्षा 10 के छात्रों के लिए कला और शारीरिक शिक्षा का मूल्यांकन विद्यालय-आधारित होगा। शैक्षणिक सत्र 2027-28 में उनके लिए व्यावसायिक शिक्षा एक अनिवार्य विषय होगा, जिसके लिए वार्षिक या बोर्ड परीक्षा आयोजित की जाएगी, जबकि कला और शारीरिक शिक्षा का मूल्यांकन विद्यालय-आधारित आंतरिक परीक्षाओं के माध्यम से जारी रहेगा।"

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