
Iran War Effect: सरकार ने पश्चिम एशिया संकट के कारण आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं को देखते हुए देश में प्राकृतिक गैसों की आपूर्ति पर एस्मा लगा दिया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की ओर से जारी प्राकृतिक गैस (आपूर्ति नियमन) आदेश, 2026 में घरेलू उपभोग और दूसरे उपयोगों के लिए गैस की आपूर्ति की सीमा तय कर दी गई है।
इस संबंध में जारी गजट अधिसूचना में कहा गया है कि 'पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष' के मद्देनजर 'वितरण में समानता और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए सतत उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से' यह आदेश जारी किया गया है। वहीं, बेंगलुरु के बाद अब हरियाणा में कॉमर्शियल गैस की आपूर्ती रोक दी गई है।
गजट नोटिफिकेशन के मुताबिक, इन क्षेत्रों की जरूरतें पहले पूरी की जाएंगी और उसके बाद ही अन्य क्षेत्रों को गैस उपलब्ध कराई जाएगी। संशोधित व्यवस्था के तहत पाइप के जरिये घरेलू रसोई गैस (पीएनजी), वाहनों के लिए संपीडित प्राकृतिक गैस (सीएनजी) और एलपीजी उत्पादन को प्राथमिकता श्रेणी में सबसे ऊपर रखा गया है। इन क्षेत्रों को पिछले छह महीने की औसत खपत के आधार पर 100 प्रतिशत गैस आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।
उर्वरक क्षेत्र को दूसरी प्राथमिकता दी गई है और उसकी पिछले छह महीने की औसत मांग का कम-से-कम 70 प्रतिशत पूरा किया जाएगा। इस सूची में तीसरे स्थान पर चाय उद्योग, विनिर्माण और अन्य औद्योगिक उपभोक्ताओं को रखा गया है। इन्हें परिचालन उपलब्धता के आधार पर पिछले छह महीने की औसत गैस खपत का लगभग 80 प्रतिशत उपलब्ध कराया जाएगा।
एसेंशियल सर्विसेज मेंटेनेंस एक्ट (ESMA) वर्ष 1968 में आया जिसे 1981 में संशोधित किया गया। इस कानून में अनिवार्य वस्तुओं एवं सेवाओं की आपूर्ति सुनिश्चित रखने के लिए आवश्यक कार्रवाईयां करने के प्रावधान किए गए हैं। यह कानून हेल्थकेयर, ट्रांसपोर्टेशन और सैनिटेशन जैसे जरूरी क्षेत्रों में हड़ताल पर रोक लगाकर जरूरी सेवाओं की बिना रुकावट सप्लाई पक्का करने के लिए बनाया गया था। यह सरकार को हड़ताल पर रोक लगाने की इजाजत देता है, और इसे तोड़ने पर जुर्माना या जेल हो सकती है।
शहरी गैस वितरण (सीजीडी) से जुड़ी कंपनियों द्वारा औद्योगिक और वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को की जाने वाली आपूर्ति को प्राथमिकता सूची में चौथे स्थान पर रखा गया है। भारत में घरेलू गैस उत्पादन लगभग 19.1 करोड़ मानक घन मीटर प्रतिदिन की कुल खपत का करीब आधा हिस्सा ही पूरा कर पाता है। ऐसे में पश्चिम एशिया संकट के कारण गैस आपूर्ति बाधित होने से प्राथमिकता तय करने का फैसला किया गया है।
सरकार ने कहा कि प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को आपूर्ति बनाए रखने के लिए पेट्रोकेमिकल संयंत्रों, बिजली इकाइयों और ऊंची कीमत पर गैस खरीदने वाले उपभोक्ताओं को मिलने वाली गैस में कटौती की जा सकती है।
ईरान पर अमेरिका एवं इजराइल के संयुक्त हमले और फिर ईरान के जवाबी कार्रवाई से पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है। इसके कारण होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले समुद्री यातायात में कमी आई है और ऊर्जा बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है। वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का लगभग पांचवां हिस्सा और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की लगभग एक-तिहाई आपूर्ति इसी रास्ते से होती है।
सरकार ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिये एलएनजी आपूर्ति बाधित होने के कारण आपूर्तिकर्ताओं ने 'फोर्स मेज्योर' प्रावधान लागू कर दिया है। यह प्रावधान किसी असाधारण या अनियंत्रित परिस्थिति के कारण अनुबंध की शर्तें पूरी न कर पाने पर लागू होता है। ऐसे में प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को गैस उपलब्ध कराने के लिए घरेलू गैस आपूर्ति को नए सिरे से व्यवस्थित किया गया है।
फोर्स मेज्योर (FM) का मतलब है ऐसी असाधारण घटनाएं या हालात जो इंसानी कंट्रोल से बाहर हों। इसमें कोई ऐसी घटना जिसे ईश्वरीय या प्राकृतिक आपदा या युद्ध, हड़ताल, दंगे, अपराध शामिल हैं। कॉन्ट्रैक्ट में FM क्लॉज दोनों पार्टियों को कॉन्ट्रैक्ट की जिम्मेदारी या जिम्मेदारी से आजाद करता है, जब ऐसी घटनाओं की वजह से उन्हें कॉन्ट्रैक्ट के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करने से रोका जाता है। एफएम क्लॉज किसी पार्टी के काम न करने को पूरी तरह से माफ नहीं करता, बल्कि उसे एफएम के समय के लिए सिर्फ सस्पेंड करता है।
उधर, इजरायल-अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब हरियाणा में गैस आपूर्ति पर देखने लगा है। प्रदेश के खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने एहतियातन कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडरों की सप्लाई पर अस्थायी रोक लगा दी है। फिलहाल ये गैस सिलेंडर केवल कॉलेजों और अस्पतालों को ही उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि जरूरी सेवाओं में किसी तरह की दिक्कत न आए।
जिन गैस एजेंसियों ने सुबह से सिलेंडरों की आपूर्ति शुरू कर दी थी, उन्हें दोपहर बाद कंपनियों के अधिकारियों ने तुरंत आपूर्ति रोकने के निर्देश दे दिए। गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि उन्हें कंपनियों की ओर से आदेश मिला है कि अगले आदेश तक व्यावसायिक गैस सिलेंडरों का वितरण नहीं किया जाए। इस फैसले के बाद रेस्टोरेंट से लेकर रेहड़ी-पटरी पर खाद्य पदार्थ बेचने वाले छोटे कारोबारियों के सामने भी संकट खड़ा हो सकता है।
इससे पहले, बेंगलुरु होटल्स असोसिएशन ने सोमवार देर शाम नोटिस जारी कर कहा था कि उन्हें कॉमर्शियल एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति नहीं की जा रही है। असोसिएशन ने केंद्र सरकार से गुहार लगाई थी कि होटलों को एलपीजी सिलिंडर मुहैया करवाने की दिशा में कदम उठाए जाएं। असोसिएशन ने चेतावनी दी थी कि अगर कुकिंग गैस सिलिंडर की आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो मंगलवार से बेंगलुरु के होटल बंद हो जाएंगे।
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