नवरात्रि भारत के सबसे प्रमुख हिंदू त्योहारों में से एक है। साल में कुल चार नवरात्रि होते हैं, जिनमें से दो गुप्त नवरात्रि होते हैं। जबकि सबसे ज्यादा मनाए जाने वाले नवरात्रि चैत्र नवरात्रि (मार्च या अप्रैल में) और शारदीय नवरात्रि (सितंबर या अक्टूबर में) होते हैं। नवरात्रि का अर्थ है "नौ रातें" और यह देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा को समर्पित है।
चैत्र नवरात्रि के दौरान भक्त व्रत रखते हैं और सात्विक आहार का पालन करते हैं। इस साल चैत्र नवरात्रि 19 मार्च 2026 से शुरू होकर 27 मार्च 2026 तक चलेगी। नौवें दिन यानी नवमी को राम नवमी के रूप में मनाया जाता है, जो भगवान राम का जन्मदिन है।
चैत्र नवरात्रि 2026: घटस्थापना का समय
- चैत्र घटस्थापना: गुरुवार, 19 मार्च 2026
- घटस्थापना मुहूर्त: सुबह 06:52 से 07:43 बजे तक
- अवधि: 50 मिनट
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 से 12:53 बजे तक
- अवधि: 48 मिनट
- यह मुहूर्त द्वि-स्वभाव मीन लग्न में पड़ता है
- प्रतिपदा तिथि के क्षय होने के कारण घटस्थापना अमावस्या तिथि में हो रही है
- प्रतिपदा तिथि शुरू: 19 मार्च 2026 सुबह 06:52 बजे
- प्रतिपदा तिथि समाप्त: 20 मार्च 2026 सुबह 04:52 बजे
- मीन लग्न शुरू: सुबह 06:26 बजे
- मीन लग्न समाप्त: सुबह 07:43 बजे
चैत्र नवरात्रि का महत्व
इन नौ दिनों में भक्त पूरे श्रद्धा भाव से देवी दुर्गा के नौ रूपों की पूजा करते हैं। कई लोग पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं, जबकि कुछ लोग केवल पहले और आखिरी दिन व्रत करते हैं। इस दौरान सात्विक भोजन किया जाता है, जिसमें प्याज, लहसुन, अंडा, मांस और शराब का सेवन नहीं किया जाता।
कुछ लोग केवल फल खाते हैं और अनाज या दाल से भी परहेज करते हैं। सात्विक भोजन में आमतौर पर साबूदाना, सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा, दूध, दही, आलू, मखाना और सूखे मेवे का उपयोग किया जाता है। सीमित सामग्री होने के बावजूद कई स्वादिष्ट व्रत के व्यंजन बनाए जा सकते हैं।
नवरात्रि व्रत के लिए 5 आसान और स्वादिष्ट सात्विक रेसिपी
कुट्टू पूरी
कुट्टू के आटे में उबले आलू और सेंधा नमक मिलाकर आटा गूंथा जाता है और फिर पूरियां तलकर बनाई जाती हैं। ये कुरकुरी पूरियां आलू रसेदार या ठंडे दही के साथ बहुत स्वादिष्ट लगती हैं।
मलाई कुट्टू भल्ला
कुट्टू के आटे के नरम भल्ले तलकर हल्के मीठे दही में भिगोए जाते हैं। ऊपर से व्रत वाले मसाले डालकर यह एक खास और स्वादिष्ट स्नैक बनता है।
आलू रसेदार
उबले आलू से बनी यह हल्की सब्जी बिना टमाटर के जीरा और सेंधा नमक के साथ बनाई जाती है। यह कुट्टू पूरी के साथ बहुत अच्छी लगती है।
साबूदाना खिचड़ी
भीगे हुए साबूदाने को घी, भुनी मूंगफली, हरी मिर्च, जीरा और आलू के साथ बनाकर यह स्वादिष्ट और ऊर्जा से भरपूर डिश तैयार होती है।
मखाना खीर
भुने हुए मखानों को दूध में पकाकर बनाई गई यह खीर इलायची और सूखे मेवों के साथ तैयार की जाती है। यह व्रत के लिए एक पारंपरिक मिठाई है।
चैत्र नवरात्रि भक्ति, अनुशासन और पवित्रता का पर्व है। यह समय परिवार के साथ मिलकर हल्का और पौष्टिक सात्विक भोजन करने और परंपराओं से जुड़े रहने का अवसर भी देता है।