जनवरी के महीने में भारत रंग-बिरंगे सांस्कृतिक त्योहारों से भर जाता है। इसी समय लोहड़ी, पोंगल और मकर संक्रांति जैसे शीतकालीन फसल उत्सव मनाए जाते हैं। इन त्योहारों के नाम और परंपराएं अलग-अलग हो सकती हैं, लेकिन इनका एक समान महत्व है।
ये त्योहार शीत अयनांत के अंत, अच्छी फसल के समय और सूर्य के उत्तरायण यानी उत्तर दिशा की ओर बढ़ने का संकेत देते हैं। उत्तर भारत में लोग अलाव की गर्मी का आनंद लेते हैं, जबकि दक्षिण भारत में सुगंधित चावल से बने व्यंजनों की तैयारी होती है। यह समय खुशहाली और अनुकूल मौसम की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
इन त्योहारों के राष्ट्रीय महत्व को देखते हुए भारत के स्कूलों में भी विशेष छुट्टियां दी जाती हैं, ताकि छात्र और शिक्षक अपने परिवार के साथ उत्सव मना सकें। यह लेख वर्ष 2026 में लोहड़ी, पोंगल और मकर संक्रांति के दौरान भारत के प्रमुख राज्यों में स्कूल बंद रहने की जानकारी देता है। अभिभावकों और छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपने राज्य की छुट्टियों की सही तारीख जरूर जांच लें।
लोहड़ी कब मनाई जाती है?
लोहड़ी एक उत्साहपूर्ण शीतकालीन फसल पर्व है, जो मुख्य रूप से उत्तर भारत में पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली और जम्मू में मनाया जाता है। यह पर्व हर साल 13 जनवरी को मनाया जाता है, यानी मकर संक्रांति से एक दिन पहले। इसी दिन से शीत अयनांत का अंत माना जाता है और सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, जिससे दिन लंबे और मौसम थोड़ा गर्म होने लगता है।
पोंगल क्या है?
पोंगल दक्षिण भारत, खासकर तमिलनाडु का प्रमुख चार दिवसीय फसल उत्सव है। इसे आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और अन्य दक्षिणी क्षेत्रों में भी मनाया जाता है। यह पर्व सूर्य देव को समर्पित होता है और फसल कटाई के अंत का प्रतीक है। पोंगल शब्द का अर्थ है उबलना। इसमें नए बर्तन में चावल और दूध से बनी मीठी डिश पकाई जाती है, जो समृद्धि और खुशहाली का संकेत मानी जाती है।
मकर संक्रांति क्या है?
मकर संक्रांति भारत के प्रमुख हिंदू त्योहारों में से एक है। इस दिन सूर्य देव मकर यानी मकर राशि में प्रवेश करते हैं। यह त्योहार आमतौर पर 14 जनवरी को मनाया जाता है, लेकिन वर्ष 2026 में यह 15 जनवरी को पड़ेगा।
यह दिन शीत अयनांत के अंत और उत्तरायण की शुरुआत को दर्शाता है। अलग-अलग राज्यों में इसे अलग नामों से मनाया जाता है। दक्षिण भारत में पोंगल, पंजाब में माघी और गुजरात में उत्तरायण कहा जाता है। इस दिन पवित्र स्नान, पतंग उड़ाना और तिल व गुड़ से बनी मिठाइयां खाने की परंपरा है।
लोहड़ी, पोंगल और मकर संक्रांति पर स्कूलों की छुट्टियां
दिल्ली और एनसीआर में विंटर वेकेशन
दिल्ली और एनसीआर के स्कूलों में आमतौर पर जनवरी की शुरुआत में शीतकालीन अवकाश रहता है। कड़ाके की ठंड के कारण यह छुट्टी लोहड़ी तक बढ़ सकती है। संभावना है कि 2026 में कई सरकारी स्कूल 15 जनवरी तक बंद रहें, ताकि लोहड़ी और मकर संक्रांति दोनों मनाई जा सकें।
पंजाब और हरियाणा में लोहड़ी की छुट्टियां
पंजाब और हरियाणा में लोहड़ी एक बड़ा त्योहार है। इस अवसर पर स्कूलों और दफ्तरों में सार्वजनिक अवकाश रहता है। वर्ष 2026 में छात्रों को लोहड़ी मनाने के लिए अलग से छुट्टी मिलेगी, जिसमें वे अलाव जलाने और अन्य परंपरागत गतिविधियों में भाग ले सकेंगे।
दक्षिण भारत में पोंगल और मकर संक्रांति पर स्कूल बंद
दक्षिण भारत में मकर संक्रांति को पोंगल के रूप में मनाया जाता है, खासकर तमिलनाडु में। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक जैसे राज्यों में पोंगल के चार दिनों के दौरान स्कूलों में कई दिन की छुट्टी रहती है। वर्ष 2026 की सटीक छुट्टियों की तारीखें संबंधित राज्य शिक्षा विभाग के शैक्षणिक कैलेंडर के अनुसार तय की जाएंगी।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)