पुडुचेरी में सभी सरकारी और निजी स्कूल आज यानी 1 दिसंबर को बंद रहेंगे। यह निर्णय गृह एवं शिक्षा मंत्री ए. नमस्सिवायम ने लिया है। केंद्र शासित प्रदेश की सभी चारों क्षेत्रों में यह आदेश लागू होगा। भारी बारिश और चक्रवात ‘दितवाह’ के प्रभाव को देखते हुए यह एहतियाती कदम उठाया गया है। प्रशासन हालात पर लगातार नजर रखे हुए है।
जानिए तमिलनाडु स्कूल हॉलिडे पर ताजा अपडेट
30 नवंबर (रविवार) तक चक्रवात दितवाह बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पश्चिम हिस्से में केंद्रित था। इसके उत्तर-उत्तरी-पश्चिम दिशा में बढ़ने की संभावना है, जिससे उत्तरी तमिलनाडु और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों के पास इसके पहुंचने की आशंका है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने दक्षिण भारत के कई जिलों जैसे चेन्नई, कांचीपुरम, कुड्डालोर और तमिलनाडु व पुडुचेरी के अन्य हिस्सों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की संभावना जताई है। तमिलनाडु में आज (1 दिसंबर) स्कूल बंद होने को लेकर अभी कोई आधिकारिक सूचना नहीं है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे अपने-अपने स्कूलों से संपर्क बनाए रखें।
29 नवंबर को किन जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद थे?
29 नवंबर को तमिलनाडु के कई जिलों में भारी बारिश के कारण स्कूल और कॉलेज बंद किए गए थे। यह निर्णय IMD की अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी के बाद लिया गया था।
निम्न जिलों में 29 नवंबर को स्कूल व कॉलेज बंद थे:
- पेराम्बलूर
- तिरुवारूर
- नागपट्टिनम
- मयिलादुथुरै
- कुड्डालोर
- कल्लाकुरिची
- पुदुकोट्टई
- पुडुचेरी
- कराईकल
चक्रवात के बारे में जानकारी
चक्रवात ‘दितवाह’ कमजोर होकर डीप डिप्रेशन (गहरा अवदाब) में बदल गया है। IMD के अनुसार यह सोमवार सुबह तक उत्तर तमिलनाडु और पुडुचेरी तट से लगभग 20 किमी दूर, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित रहेगा।
वर्तमान में यह सिस्टम निम्न स्थानों से लगभग इतनी दूरी पर है:
- कुड्डालोर से 90 किमी दक्षिण-पूर्व
- कराईकल से 130 किमी उत्तर-पूर्व
- पुडुचेरी से 90 किमी दक्षिण-पूर्व
- वेदरनियम से 180 किमी उत्तर-पूर्व
- चेन्नई से 140 किमी दक्षिण-पूर्व
‘दितवाह’ नाम यमन ने दिया है, जिसका अर्थ है ‘लैगून’ (झीलनुमा खारा पानी)। कहा जाता है कि यह नाम सोकोट्रा द्वीप के प्रसिद्ध दितवाह लैगून से प्रेरित है।