Noida Workers Protest News: उत्तर प्रदेश के नोएडा में सोमवार, 12 अप्रैल को श्रमिकों ने सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर हिंसक प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस की कई गाड़ियां आग के हवाले कर दी गईं। वहीं, तोड़फोड़ से भारी नुकसान हुआ है। पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। श्रमिकों के इस विरोध प्रदर्शन से प्रदेश का सियासी और सामाजिक माहौल बगड़ गया है। बीते कल मुजफ्फरनगर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने इन प्रदर्शनों को राज्य की शांति और प्रगति को बाधित करने की एक गहरी साजिश करार दिया। उन्होंने कहा कि जब उत्तर प्रदेश विकास और स्थिरता की ओर मजबूती से कदम बढ़ा रहा है, तब कुछ ताकतें औद्योगिक अशांति फैलाकर इस रफ्तार को रोकने की कोशिश कर रही हैं।
अराजक तत्वों को सीएम योगी की चेतावनी
CM योगी आदित्यनाथ ने उद्यमियों और श्रमिकों दोनों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य की कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोग उन तत्वों से सावधान रहें, जो विकास के माहौल में जहर घोलना चाहते हैं। इस मौके पर उनके साथ राष्ट्रीय लोक दल (RLD) के प्रमुख और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी भी मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने उद्यमियों से अपील की कि वे अपने कर्मचारियों के साथ सीधा संवाद रखें, जिससे किसी भी प्रकार की गलतफहमी या बाहरी हस्तक्षेप की गुंजाइश न रहे।
श्रमिकों के लिए सीएम योगी ने किए कई बड़े ऐलान
मुख्यमंत्री योगी ने इस दौरान श्रमिकों को बड़ी राहत देते हुए श्रम सुधारों की बात कही। उन्होंने ऐलान किया कि पिछले साल गठित किए गए निगम की सिफारिशों को इसी महीने से लागू कर दिया जाएगा। अब सफाई कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग के माध्यम से काम करने वाले कर्मियों को बिचौलियों के चंगुल से मुक्ति मिलेगी। उन्हें गारंटीकृत न्यूनतम वेतन सीधे उनके बैंक खातों में दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य पारदर्शिता लाना और ईपीएफ (EPF) की सुविधा हर श्रमिक तक पहुंचाना है। यह व्यवस्था जल्द ही अन्य औद्योगिक संस्थानों में भी अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी, जिससे लाखों परिवारों के आर्थिक भविष्य को सुरक्षा मिलेगी।
उन्होंने कहा, "हम EPF की गारंटी देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं और इसके लिए हमने राज्य के औद्योगिक विकास आयुक्त के साथ-साथ औद्योगिक विकास के अतिरिक्त मुख्य सचिव और श्रम के प्रधान सचिव के साथ-साथ उद्योग जगत के और श्रमिकों के प्रतिनिधियों को नियुक्त किया है। यह सभी तुरंत इन कार्यक्रमों को आगे बढ़ाएं। अच्छा मानदेय, अच्छा भुगतान और उसमें कोई कटौती न हो, उनसे यह भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है। औद्योगिक अशांति पैदा करने वालों से सावधान रहिए, उनको सफल मत होने दीजिए।"