Govardhan Puja Samagri List: इन सामग्रियों के बिना अधूरी है गोवर्धन पूजा, यहां चेक करें पूरी लिस्ट, आज ही कर लें खरीदारी

गोवर्धन पूजा, अन्नकूट के नाम से भी जानी जाती है, 22 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी। यह दिन प्रकृति के प्रति आभार प्रकट करने का प्रतीक है। पूजा में विशेष सामग्री जैसे दीपक, फल, और पंचामृत का प्रयोग किया जाता है।

Manali Rastogi
पब्लिश्ड21 Oct 2025, 10:30 AM IST
Govardhan Puja Samagri List: इन सामग्रियों के बिना अधूरी है गोवर्धन पूजा, यहां चेक करें पूरी लिस्ट, आज ही कर लें खरीदारी
Govardhan Puja Samagri List: इन सामग्रियों के बिना अधूरी है गोवर्धन पूजा, यहां चेक करें पूरी लिस्ट, आज ही कर लें खरीदारी

Govardhan Puja Samagri List: गोवर्धन पूजा 2025, जिसे अन्नकूट भी कहा जाता है, दिवाली के अगले दिन मनाई जाती है। यह एक पवित्र त्योहार है जो भगवान श्रीकृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत की पूजा का प्रतीक है।

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इस वर्ष गोवर्धन पूजा बुधवार, 22 अक्टूबर 2025 को मनाई जाएगी। यह दिन प्रकृति और पर्यावरण के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का प्रतीक है, जो हमारे जीवन का आधार है।

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इस दिन पूजा सही ढंग से करने के लिए भक्त पहले से गोवर्धन पूजा सामग्री सूची तैयार करते हैं ताकि पूजा के समय कुछ भी कमी न रहे।

गोवर्धन पूजा की मुख्य सामग्री

पूजा में इस्तेमाल होने वाली आवश्यक वस्तुएं इस प्रकार हैं:

  • गौ-गोबर: इससे गोवर्धन पर्वत का आकार बनाया जाता है।
  • मिट्टी के दीपक (दीये): पूजा के समय जलाने के लिए।
  • घी: दीपक और हवन दोनों में उपयोग किया जाता है।
  • रुई की बत्तियां: दीपक में लगाने के लिए।
  • गंगाजल या शुद्ध जल: शुद्धिकरण के लिए।
  • आम के पत्ते और नारियल: कलश को सजाने के लिए।
  • सुपारी और सिक्के: कलश में रखे जाते हैं, जो धन और समृद्धि का प्रतीक हैं।

अन्नकूट प्रसाद की सामग्री

भगवान को अर्पित किए जाने वाले अन्नकूट भोग में कच्चा चावल, गेहूं, दूध, दही, घी, गुड़, मिश्री, केले, सेब, काजू, बादाम और लड्डू, पेड़े जैसे मीठे पकवान शामिल होते हैं।

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अन्य पूजन सामग्री

  • लाल कपड़ा: पूजा स्थल पर बिछाने के लिए।
  • पंचामृत: दूध, दही, घी, शहद और शक्कर से बना पवित्र मिश्रण।
  • कपूर, अगरबत्ती, धूपबत्ती: आरती के समय के लिए।
  • फूल: विशेषकर गेंदे के फूल और तुलसी के पत्ते भगवान कृष्ण को अर्पित किए जाते हैं।
  • रोली, हल्दी, अक्षत (चावल): तिलक और पूजन में प्रयोग होते हैं।
  • पान के पत्ते और लौंग: पारंपरिक अर्पण के रूप में।
  • घंटी: पूजा के समय बजाने से सकारात्मक ऊर्जा आती है।
  • रंगोली के रंग, फूलों की पंखुड़ियां और कम से कम 21 दीपक: सजावट के लिए।

घर की सजावट और पूजा का महत्व

गोवर्धन पूजा के दिन घर को आम या अशोक के पत्तों की बंदनवार से सजाया जाता है। पूजा स्थल पर कम से कम 21 दीपक जलाए जाते हैं, जो प्रकाश और दिव्यता का प्रतीक हैं। भोग में लड्डू, केले, दूध, दही, गुड़ और चावल चढ़ाए जाते हैं। यह सब समृद्धि और आभार व्यक्त करने का प्रतीक है।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)

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