इस साल अक्टूबर महीने में दिवाली और छठ महापर्व जैसे सभी बड़े त्योहार एक साथ पड़ गए। इसी कारण, बहुत से लोग सोच सकते हैं कि नवंबर 2025 में कोई खास त्योहारी अवसर नहीं रहेगा। लेकिन ऐसा नहीं है। भले ही अक्टूबर में साल के प्रमुख त्योहार समाप्त हो जाते हैं, नवंबर धार्मिक दृष्टि से बहुत खास रहेगा, क्योंकि इसी महीने चातुर्मास का समापन होता है।
चातुर्मास का अंत और शुभ कार्यों की शुरुआत
जैसे ही चातुर्मास समाप्त होता है, शुभ कार्यों जैसे विवाह, शादी-ब्याह आदि की शुरुआत मानी जाती है। इसके अलावा नवंबर महीने में देव दीपावली और कालभैरव अष्टमी जैसे कई महत्वपूर्ण त्योहार भी मनाए जाएंगे। हिंदू पंचांग के अनुसार, नवंबर माह कार्तिक और अगहन मास के बीच आता है।
चातुर्मास कब समाप्त होगा?
हर साल देवउठनी एकादशी (प्रबोधिनी एकादशी) के दिन चातुर्मास समाप्त होता है। यह एकादशी कार्तिक महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को पड़ती है। चातुर्मास का समापन तुलसी विवाह के आयोजन के साथ होता है, जो इसी दिन किया जाता है।
जानिए देवउठनी एकादशी की तारीख
वर्ष 2025 में देवउठनी एकादशी की तिथि 1 नवंबर (शनिवार) को पड़ेगी। हिंदू कैलेंडर के अनुसार:
- एकादशी तिथि की शुरुआत 1 नवंबर को सुबह 9:11 बजे होगी।
- यह तिथि 2 नवंबर सुबह 7:31 बजे समाप्त होगी।
इस तरह, एकादशी का व्रत 1 नवंबर को रखा जाएगा, और व्रत 2 नवंबर को खोला जाएगा (पारण किया जाएगा)। इसी दिन तुलसी विवाह भी संपन्न किया जाएगा, जो शुभ कार्यों की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
यहां देखिये त्योहारों की पूरी लिस्ट
1 नवंबर शनिवार देवउठनी एकादशी
2 नवंबर रविवार तुलसी विवाह
3 नवंबर सोमवार सोम प्रदोष व्रत
4 नवंबर मंगलवार मणिकर्णिका घाट स्नान
5 नवंबर बुधवार कार्तिक पूर्णिमा, देव दिवाली, गुरु नानक जयंती
6 नवंबर गुरुवार मार्गशीर्ष माह प्रारंभ
7 नवंबर शुक्रवार रोहिणी व्रत
8 नवंबर शनिवार संकष्टी चतुर्थी, सुंदरी तीज
12 नवंबर बुधवार कालभैरव जयंती
15 नवंबर शनिवार उत्पन्ना एकादशी
16 नवंबर रविवार ग्रीष्म संक्रांति
17 नवंबर सोमवार सोम प्रदोष व्रत
18 नवंबर मंगलवार मासिक शिवरात्रि
20 नवंबर गुरुवार मार्गशीर्ष अमावस्या
21 नवंबर शुक्रवार चंद्र दर्शन
25 नवंबर मंगलवार विवाह पंचमी
28 नवंबर शुक्रवार दुर्गाष्टमी व्रत
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)