
मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने महिलाओं को लेकर बेहद घृणित बयान दिया, लेकिन उनके खिलाफ कार्रवाई किए जाने के बजाय पार्टी के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी उनके साथ मंच साझा करते हैं। बीजेपी का कहना है कि दरअसल राहुल गांधी के बरैया के साथ मंच साझा करने का मतलब यही है कि महिलाओं के प्रति ऐसी घृणित सोच अकेले विधायक फूल सिंह बरैया की नहीं बल्कि राहुल गांधी और पूरी कांग्रेस पार्टी की है।
फूल सिंह बरैया मध्य प्रदेश के दतिया जिले में भांडेर से विधायक हैं। मीडिया रिपोर्टों में कहा जा रहा है कि बरैया राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के करीबी हैं। बरैया ने 'बलात्कार के सिद्धांत' की अपने तरह से व्याख्या की है। उन्होंने सार्वजनिक तौर पर कहा है कि सुंदर स्त्रियों को देखकर तो किसी का मन डोल सकता है, लेकिन जो सुंदर नहीं हैं, उन स्त्रियों का रेप तो सिर्फ इसलिए किया जाता है ताकि 'तीर्थ जाने का फल' मिले।
बरैया अक्सर अपने बयानों से चर्चा में रहते हैं। इस कांग्रेस विधायक ने एक मीडिया संस्थान को दिए साक्षात्कार में कहा, 'तो मेरा कहने का मतलब है, बलात्कार का सिद्धांत यह है कि आदमी रास्ते में जा रहा है और उसे अगर खूबसूरत लड़की दिखाई दी सुंदर, अति सुंदर तो उसका दिमाग विचलित हो सकता है। तो बलात्कार हो सकता है।' वीडियो में बरैया यह दावा करते नजर आ रहे हैं कि भारत में सबसे ज्यादा बलात्कार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं से होते हैं।
फिर वो पूछते हैं कि आदिवासियों, दलितों और ओबीसी में कौन सी अति सुंदर स्त्री है? उन्होंने कहा, 'क्यों होता है बलात्कार (इन वर्गों की महिलाओं के साथ)? क्योंकि उनके धर्म ग्रंथों में इस तरह के निर्देश दिए गए हैं।' संवाददाता द्वारा यह पूछे जाने पर कि यह किस धर्म ग्रंथ में लिखा गया है, इसके जवाब में बरैया ने कोई स्पष्ट उत्तर नहीं दिया।
उन्होंने संस्कृत के एक श्लोक की कथित तौर पर व्याख्या करते हुए कहा कि 'धर्म ग्रंथों' में यह उल्लेख है कि फलां जाति की महिला से संबंध बनाने पर इस 'तीर्थ का फल' मिलेगा। उन्होंने कहा, 'अब वह (तीर्थ) नहीं जा पाता तो घर में बैठे विकल्प क्या दिया गया? घर बैठे इनकी औरतों को पकड़कर संबंध बनाओ तो ये फल मिल जाएगा? ... तो क्या करेगा फिर? अंधेरे में वह किसी को पकड़ने की कोशिश करेगा।'
बरैया यहीं पर नहीं रुके। उन्होंने यहां तक कह दिया कि जब तक कोई महिला सहमत नहीं हो तो उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए ही नहीं जा सकते। उन्होंने कहा, 'एक व्यक्ति एक महिला का कभी बलात्कार नहीं कर सकता। अगर वह सहमत नहीं है तो नहीं करेगा।' बरैया के मुताबिक, बलात्कार जैसी कोई चीज होती ही नहीं है। ऐसे हरेक केस में महिलाओं की सहभागिता होती ही है। यानी बरैया के मुताबिक, जितने भी रेप केस सामने आ रहे हैं, उन सब में महिलाएं सहमति से संबंध बनाती हैं और बाद में कहती हैं कि उनका रेप किया गया।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और राज्य की सत्तारूढ़ बीजेपी ने बरैया की इस टिप्पणी की कड़ी निंदा की और उम्मीद जताई कि इंदौर के दौरे पर आ रहे राहुल गांधी कांग्रेस विधायक के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। मुख्यमंत्री यादव ने भोपाल में यूनियन कार्बाइड परिसर का दौरा करने के बाद पत्रकारों से कहा, 'राहुल गांधी इंदौर आ रहे हैं। समाज में जहर घोलने वाला बयान देकर फूल सिंह बरैया ने सामाजिक विद्वेष फैलाने का काम किया है।'
उन्होंने कहा, 'मैं उम्मीद करूंगा कि राहुल गांधी आकर के अपने विधायक से भी कहें, उन्हें निलंबित करें, पार्टी से बाहर करें ताकि लगे कि उनके मन में समाज के बाकी वर्गों के लिए भी कोई सम्मान है। मैं उनके इस बयान की निंदा करता हूं। फूल सिंह बरैया विधायक हैं, इसलिए मैं मानकर चलता हूं कि उनका उत्तरदायित्व है कि वह इस प्रकार की बातों से बचें।'
हालांकि हुआ इसके ठीक उलट। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी शनिवार को इंदौर गए, जहां वह भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से उल्टी-दस्त के प्रकोप के कारण अस्पताल में भर्ती मरीजों से मुलाकात किया। इस दौरान बड़बोले बरैया उनके साथ रहे। भाजपा की मध्यप्रदेश इकाई के मीडिया प्रभारी आशीष उषा अग्रवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर फूल सिंह बरैया की राहुल गांधी के साथ वाली तस्वीर साझा की। फिर उन्होंने एक बयान में कहा कि बरैया के साथ मंच साझा करके राहुल गांधी ने यह बता दिया कि वह भी अपने विधायक की कुंठित मानसिकता से सहमत हैं।
इससे पहले, अग्रवाल ने बरैया को कांग्रेस से निष्कासित किए जाने की मांग की थी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 'खूबसूरती के तराजू' पर तौलना और एससी-एसटी समाज की महिलाओं के साथ बलात्कार जैसे जघन्य अपराध को 'तीर्थ फल' कहना अपराधी मानसिकता की स्वीकारोक्ति है। उन्होंने कहा, 'धिक्कार है! यह स्त्री-द्वेष, दलित-विरोध और मानवता पर सीधा हमला है। आज जब राहुल गांधी मध्यप्रदेश आ रहे हैं, तो देश जानना चाहता है कि क्या यही कांग्रेस की असली सोच है? क्या यही 'संविधान बचाओ' का पाखंड है?'
उन्होंने कहा कि इस प्रकरण में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार को अब चुप्पी साधे रखने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, 'या तो तत्काल माफी मांगने के साथ निष्कासन किया जाए या फिर स्वीकार करें कि कांग्रेस महिला-विरोधी और दलित-विरोधी मानसिकता के साथ खड़ी है।'
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