Savings Crisis: अच्छी सैलरी होने के बावजूद बचत न कर पाना आज कई परिवारों की बड़ी समस्या बनती जा रही है। बढ़ते खर्च, लोन की किस्तें और भविष्य की जिम्मेदारियां अक्सर लोगों के बजट पर भारी पड़ जाती हैं। ऐसा ही एक मामला सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट पर सामने आया है, जहां एक शादीशुदा दंपति ने अपनी आर्थिक स्थिति साझा की है।
कपल का कहना है कि दोनों की कुल मासिक आय 1.7 लाख रुपये है, लेकिन महीने के आखिर में उनके पास केवल 2,520 रुपये ही बच पाते हैं। इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर काफी चर्चा बटोरी है।
लाखों की कमाई, पर बचत सिर्फ ₹2,520
रेडिट पर इस कपल ने अपनी परेशानी साझा करते हुए एक पोस्ट लिखा, "1.7 लाख की कमाई, फिर भी महीने-दर-महीने गुजारा, मानसिक रूप से थक चुके हैं, सलाह चाहिए।" दो साल पहले कपल की शादी हुई है और अब जब उन्होंने अपने खर्चों का हिसाब-किताब लगाना शुरू किया, तो उनके होश उड़ गए।
उन्होंने बताया कि दोनों मिलकर हर महीने 1.7 लाख रुपये कमाते हैं। इसमें पति की सैलरी 1.02 लाख रुपये और पत्नी की सैलरी 68,000 रुपये है। इतनी अच्छी इनकम होने के बावजूद, महीने के अंत में सारे खर्चे निपटाने के बाद उनके पास महज 2,520 रुपये की बचत बचती है। इस हालत से परेशान होकर उन्होंने पूछा, "हम इसे ठीक करना कहां से शुरू करें? घर खरीदने का प्लान कैसे करें? बच्चों के बारे में कब सोचें? और रिटायरमेंट के लिए बचत कब होगी? ऐसा लगता है जैसे समय हाथ से निकलता जा रहा है।"
कहां खर्च हो रहे इतने पैसे?
जब इस कपल ने अपने खर्चों का पूरा ब्रेकअप शेयर किया, तो समझ आया कि उनकी इस हालत का सबसे बड़ा विलेन कोई और नहीं, बल्कि उनके लिए गए कई सारे लोन हैं। कपल हर महीने ₹85,980 सिर्फ लोन चुकाने में खर्च कर रहा है। इसमें पर्सनल लोन, एजुकेशन लोन, बाइक लोन और यहां तक कि फोन के लिए लिया गया लोन भी शामिल है। घर का किराया, मेंटेनेंस, राशन, ऑफिस आने-जाने का खर्च (ट्रेवल), दवाइयां और यूटिलिटी बिल्स (बिजली-पानी) मिलाकर हर महीने ₹53,500 खर्च हो जाते हैं।
इसके अलावा उन्होंने खुद के घूमने-फिरने, पर्सनल खर्चों और फैमिली इमरजेंसी के लिए ₹28,000 का बजट अलग रखा हुआ है। इन सब को जोड़ने के बाद 1.7 लाख रुपये में से केवल ₹2,520 ही बच पाते हैं, जिससे भविष्य की कोई भी प्लानिंग करना नामुमकिन लग रहा है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने दी ये सलाह?
पोस्ट वायरल होने के बाद कई लोगों ने अपनी राय दी। ज्यादातर यूजर्स का मानना था कि समस्या कमाई नहीं बल्कि लोन का बोझ है। एक यूजर ने लिखा कि सबसे पहले पर्सनल लोन को जल्दी खत्म करने पर ध्यान देना चाहिए। उनका सुझाव था कि कुछ महीनों बाद बाइक लोन खत्म होने पर बचने वाली राशि का इस्तेमाल पर्सनल लोन की प्री-पेमेंट में किया जा सकता है। एक अन्य यूजर ने मोबाइल फोन लोन को गैर-जरूरी खर्च बताया। उनका कहना था कि कुछ महीनों तक व्यक्तिगत खर्च कम करके फोन की कीमत सीधे चुकाई जा सकती थी।