अंतरराष्ट्रीय बाजार में बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार गिरावट आई है, जिससे दुनिया भर के बाजारों में हलचल बढ़ गई है। दरअसल, अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे तनाव के बीच अब शांति वार्ता फिर से शुरू होने की उम्मीदें बढ़ गई हैं। इस खबर का अंतरराष्ट्रीय बाजार में पॉजिटिव रुख देखने को मिल रहा है। इससे पहले, सोमवार को इस्लामाबाद में हुई अमेरिका और ईरान की शांति बातचीत बेनतीजा खत्म हो गई थी।
95 डॉलर के नीचे पहुंचा क्रूड ऑयल
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में न्यूयॉर्क पोस्ट से बातचीत के दौरान एक बड़ा संकेत दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के साथ युद्ध को खत्म करने के लिए अगले दो दिनों के भीतर पाकिस्तान में बातचीत का सिलसिला दोबारा शुरू हो सकता है। आपको बता दें कि पिछले हफ्ते यह बातचीत पूरी तरह से टूट गई थी, जिसके बाद वाशिंगटन ने ईरानी बंदरगाहों पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया था। लेकिन अब ट्रंप के इस नए रुख से बाजार में फिर से भरोसा जगा है। आज सुबह बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 0.37% गिरकर $94.44 प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सस इंटरमीडिएट (WTI) में भी 1.04% की कमी दर्ज की गई है।
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से तेल सप्लाई बाधित
ग्लोबल समाचार एजेंसी रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, व्यापार के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से जहाजों की आवाजाही अभी भी सामान्य नहीं हो पाई है। युद्ध से पहले इस समुद्री रास्ते से रोजाना लगभग 130 जहाज गुजरते थे, लेकिन मौजूदा समय में यह संख्या बहुत कम हो गई। जब तक इस समुद्री रास्ते से तेल का सुरक्षित परिवहन पूरी तरह बहाल नहीं होता, तब तक ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की सप्लाई को लेकर चिंता बनी रहेगी।
अमेरिकी इन्वेंट्री डेटा पर टिकी हैं बाजार की निगाहें
गौरतलब है कि तेल की कीमतों की दिशा तय करने में अमेरिकी ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के आने वाले आंकड़े भी बड़ी भूमिका निभाएंगे। मार्केट एक्सपर्ट्स और निवेशक आज जारी होने वाले ऑफिशियल इन्वेंट्री डेटा का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अनुमानों और रॉयटर्स के सर्वे की मानें, तो पिछले सप्ताह अमेरिका में कच्चे तेल के स्टॉक में मामूली बढ़त देखी गई है, जबकि गैसोलीन और डिस्टिलेट के भंडार में गिरावट आने की संभावना है।