
Cyclone Midhili Update: पूर्वी मध्य अरब सागर और दक्षिण पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर विकसित हो रहे चक्रवाती तंत्र के मद्देनजर भारतीय सेना को 'हाई अलर्ट' पर रखा गया है। अगले 48 घंटों में इस चक्रवात के "मोंथा" के रूप में तब्दील होने की आशंका है।राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) और संबंधित राज्य सरकारों के समन्वय से स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
सेना के एक प्रवक्ता ने बताया कि आज तड़के दो सक्रिय मौसम प्रणालियां देखी गईं, जिनमें पूर्वी मध्य अरब सागर पर दबाव और दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी पर गहरा दबाव शामिल है। पूर्व मध्य अरब सागर अवदाब वर्तमान में मुंबई से लगभग 700 किमी पश्चिम-दक्षिण पश्चिम, पंजिम (गोवा) से 760 किमी पश्चिम, लक्षद्वीप से 880 किमी उत्तर पश्चिम और मैंगलोर से 960 किमी पश्चिम-उत्तर पूर्व में स्थित है। अगले 24 घंटों के दौरान इसके पूर्व मध्य अरब सागर में पश्चिम की ओर बढ़ने की संभावना है।
इसके अलावा दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी पर बना गहरा दबाव का क्षेत्र पोर्ट ब्लेयर से लगभग 610 किलोमीटर पश्चिम में, चेन्नई से 790 किलोमीटर पूर्व-दक्षिणपूर्व में, विशाखापत्तनम से 850 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में और गोपालपुर (ओडिशा) से 950 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में स्थित है। अगले 24 घंटों के भीतर इसके दक्षिण-पश्चिम और उससे सटे पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने और 28 अक्टूबर तक उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ते हुए एक गंभीर चक्रवाती तूफान में और मजबूत होने की उम्मीद है।
अनुमान है कि यह प्रणाली 28 अक्टूबर की शाम/रात को तटीय आंध्र प्रदेश, विशेष रूप से मछलीपट्टनम और काकीनाडा के बीच के क्षेत्र को एक गंभीर चक्रवाती तूफान के रूप में प्रभावित करेगी। इस दौरान तेज हवाएं 90-100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं।
भारतीय सेना ने प्रभावित होने की आशंका वाले सभी क्षेत्रों में अपनी आपदा प्रतिक्रिया टुकड़ियों (डीआरसी) को सक्रिय कर दिया है, ताकि राज्य प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के साथ समन्वय में त्वरित तैनाती सुनिश्चित की जा सके। विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में समर्पित और आरक्षित टुकड़ियों को तैनात किया गया है, जिनमें कर्नाटक , केरल , आंध्र प्रदेश ,तेलंगाना , तमिलनाडु , लक्षद्वीप और मिनिकॉय द्वीप समूह और पश्चिम बंगाल में शामिल हैं।
शाम 4 बजे जारी एक विशेष बुलेटिन के अनुसार, यह चक्रवात पिछले छह घंटों के दौरान 5 किमी प्रति घंटे की गति से उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ा और 11.3 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 87.0 डिग्री पूर्वी देशांतर पर केंद्रित था। यह पोर्ट ब्लेयर से लगभग 620 किमी पश्चिम, चेन्नई से 770 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व, विशाखापत्तनम से 820 किमी दक्षिण-दक्षिण-पूर्व और काकीनाडा से 810 किमी दक्षिण-पूर्व में स्थित है।
इसके प्रभाव से, अगले 24 घंटों के दौरान काकीनाडा, कोनासीमा, पश्चिम गोदावरी, प्रकाशम, नेल्लोर, अन्नामय्या, तिरुपति और चित्तूर जिलों में भारी वर्षा होने की संभावना है। इसी अवधि के दौरान उत्तरी और दक्षिणी तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा में भी गरज के साथ बिजली गिरने और 35-45 किमी प्रति घंटे से लेकर 55 किमी प्रति घंटे की गति से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
काकीनाडा, कोनासीमा, पश्चिम गोदावरी, कृष्णा, बापटला, प्रकाशम और नेल्लोर जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है, जबकि अन्य तटीय और रायलसीमा जिलों में सोमवार (कल) को भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है।मंगलवार को श्रीकाकुलम, विजयनगरम, विशाखापत्तनम, काकीनाडा, पूर्वी और पश्चिमी गोदावरी, एलुरु और कृष्णा जिलों में भी ऐसी ही स्थिति रहने का अनुमान है।
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