Delhi AQI: दिल्ली की सर्द सुबह इस बार धुंध नहीं, जहरीली हवा लेकर आई। राजधानी पर स्मॉग की मोटी परत छा गई और हालात इतने बिगड़े कि सांस लेना तक चुनौती बन गया। हालात देखते हुए सख्त कदम उठाए गए हैं।
AQI खतरनाक स्तर पर
शनिवार को राष्ट्रीय राजधानी में वायु गुणवत्ता सूचकांक यानी AQI 535 तक पहुंच गया। यह स्तर “अत्यंत खतरनाक” श्रेणी में आता है और सीधे तौर पर गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थिति की तरफ इशारा करता है। पूरे दिल्ली-एनसीआर में GRAP-4 के तहत सभी कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं।
कहां कितनी खराब रही हवा
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक हजरत निजामुद्दीन में AQI 408 दर्ज किया गया, जो ‘गंभीर’ श्रेणी में है और विजिबिलिटी बेहद कम रही। अक्षरधाम इलाके में भी हालात कुछ ऐसे ही रहे, जहां AQI 420 रिकॉर्ड किया गया।
कई इलाकों में हालात और बिगड़े
सराय काले खां में AQI बढ़कर 428 हो गया, जबकि प्रगति मैदान के पास भैरव मार्ग पर शहर का सबसे ज्यादा AQI 433 दर्ज किया गया। दिल्ली-नोएडा-दिल्ली फ्लाईओवर पर AQI 402 रहा और बारापुला फ्लाईओवर पर 380 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। राव तुलाराम मार्ग पर भी AQI 403 रिकॉर्ड किया गया।
GRAP-4 लागू, सख्ती बढ़ी
हवा की हालत बिगड़ने के साथ ही GRAP-4 के तहत सभी सख्त पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। इसका मतलब है कि प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर कड़ी निगरानी और नियंत्रण रहेगा, ताकि हालात और न बिगड़ें।
दिल्ली की हवा ने एक बार फिर चेतावनी दे दी है कि हालात कितने गंभीर हो चुके हैं। ऐसे में सावधानी बरतना बेहद जरूरी है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस की बीमारी से जूझ रहे लोगों के लिए। साफ हवा की उम्मीद फिलहाल मौसम और कड़े कदमों पर टिकी है।